
बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नतीजों के करीब पहुंच रहे हैं, सियासी गलियारों में बयानबाजी का पारा लगातार चढ़ता जा रहा है. अब मैदान में उतरे हैं तेजस्वी यादव और योगी आदित्यनाथ के राइट हैंड कहे जाने वाले बीजेपी सांसद रवि किशन. हुआ यूं कि तेजस्वी यादव ने महिलाओं को लेकर एक बड़ा चुनावी वादा किया उन्होंने कहा कि अगर महागठबंधन की सरकार बनी, तो मकर संक्रांति के दिन हर महिला के खाते में 30,000 रुपये डाले जाएंगे. इसे उन्होंने “माई-बहिन मान योजना” का नाम दिया और दावा किया कि यह बिहार की हर महिला को आत्मनिर्भर बनाएगी.
रवि किशन ने तेजस्वी पर साधा निशाना
तेजस्वी के इस ऐलान के बाद बीजेपी सांसद रवि किशन ने कड़ा पलटवार किया. उन्होंने कहा कि अब आरजेडी और महागठबंधन को अपनी हार साफ दिख रही है, इसलिए वे हर दिन नई-नई घोषणाएं कर रहे हैं. रवि किशन ने कहा तेजस्वी जी को मालूम है कि जनता अब उन्हें सत्ता में नहीं लाने वाली, इसलिए वो इमेज सुधारने का नाटक कर रहे हैं. जब सत्ता में थे, तब क्या किया था. अब आखिरी वक्त में वादों की बरसात हो रही है. रवि किशन यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि बिहार ने जंगलराज का दौर देखा है, अब जनता विकास का स्वाद चख चुकी है.
‘जंगलराज बनाम विकासराज’ की नई बहस
रवि किशन ने आगे कहा कि अब जनता समझ चुकी है कि बिहार को असली प्रगति किसने दी मोदी-नीतीश की जोड़ी ने या आरजेडी ने. उन्होंने दावा किया कि इस बार महागठबंधन की कई सीटें एनडीए के खाते में जाएंगी, क्योंकि जनता विकास पर भरोसा कर रही है, न कि पुराने वादों पर. रवि किशन ने कहा कि तेजस्वी यादव हर दिन घोषणाओं का पुलिंदा खोल रहे हैं, लेकिन जनता अब बहकने वाली नहीं. 14 नवंबर को जब नतीजे आएंगे, तो बिहार त्योहार की तरह एनडीए की जीत का जश्न मनाएगा.
महिलाओं के वादे से गरमाई सियासत
तेजस्वी यादव के 30,000 रुपये वाले वादे ने चुनावी मैदान को और दिलचस्प बना दिया है. एक तरफ महागठबंधन महिलाओं को लुभाने की रणनीति अपना रहा है, वहीं बीजेपी इसे वादों की राजनीति बता रही है. जनता के बीच अब चर्चा तेज है क्या बिहार विकास के नाम पर वोट देगा या वादों के आकर्षण में फंस जाएगा. इतना तय है कि इस बार की लड़ाई सिर्फ शब्दों की नहीं, बल्कि जज़्बातों की भी है. बिहार का माहौल गरमा चुका है, और 14 नवंबर को आने वाले नतीजे बताएंगे कि जनता ने जंगलराज को नकारा या विकासराज को दोबारा चुना.