ईरान युद्ध और वैश्विक आर्थिक तनाव के बीच देश में एक नई चर्चा ने जोर पकड़ लिया है। सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि सरकार मंदिरों में रखे सोने को लेकर नई योजना लाने वाली है। कहा गया कि मंदिर ट्रस्टों के पास मौजूद सोने के बदले गोल्ड बॉन्ड जारी किए जाएंगे और सोने के मोनेटाइजेशन से जुड़ी योजना को मंजूरी मिल चुकी है। इन खबरों के सामने आने के बाद लोगों के बीच भ्रम और चिंता बढ़ गई। मंदिरों के सोने को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
वित्त मंत्रालय ने तोड़ी चुप्पी
इन दावों पर अब केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने बड़ा बयान जारी किया है। मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा कि मंदिरों या धार्मिक संस्थानों के पास रखे सोने को लेकर सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है। मंत्रालय के अनुसार सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे दावे पूरी तरह निराधार और भ्रामक हैं। सरकार ने स्पष्ट किया कि मंदिरों में रखे सोने को मोनेटाइज करने या उसके बदले कोई बॉन्ड योजना लाने का कोई फैसला नहीं लिया गया है। लोगों से अफवाहों पर भरोसा नहीं करने की अपील भी की गई है।
सोने को लेकर कौन सा दावा झूठा
सरकार ने एक और बड़े दावे को भी फर्जी बताया है। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया था कि मंदिरों के दरवाजों, स्तंभों और ढांचों पर चढ़े सोने को रणनीतिक गोल्ड रिजर्व घोषित किया जा सकता है। वित्त मंत्रालय ने कहा कि ऐसा कोई प्रस्ताव मौजूद नहीं है। मंत्रालय ने कहा कि इस तरह की खबरों का कोई आधार नहीं है। सरकार के अनुसार किसी भी नई योजना या नीति की जानकारी हमेशा आधिकारिक माध्यमों से ही जारी की जाती है।
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पीएम की अपील से जुड़ी चर्चा
हाल के दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से कुछ अहम अपीलें की थीं। इनमें पेट्रोल डीजल की बचत, खाने के तेल की कम खपत, विदेश यात्राओं में कमी और सोना खरीदने से बचने की बात शामिल थी। इन अपीलों के बाद कुछ लोगों ने इसे मंदिरों के सोने से जोड़कर देखना शुरू कर दिया। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया कि इन बातों को जोड़कर गलत निष्कर्ष निकाले जा रहे हैं और इससे भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।
भारत में सोने की बड़ी खपत
भारत दुनिया में चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता माना जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय घरों और मंदिरों में करीब 50000 टन सोना मौजूद है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 10000 अरब डॉलर बताई जाती है। पिछले साल भारत ने लगभग 72 अरब डॉलर का सोना आयात किया था। बढ़ते आयात को देखते हुए सरकार ने हाल में सोने और चांदी पर आयात शुल्क भी बढ़ाया है।
सरकार ने क्या दी सलाह
वित्त मंत्रालय ने कहा कि लोग केवल आधिकारिक प्रेस रिलीज और सरकारी वेबसाइटों पर जारी जानकारी पर भरोसा करें। सोशल मीडिया पर चलने वाली अपुष्ट खबरें भ्रम पैदा करती हैं। सरकार ने साफ किया कि मंदिरों के सोने को लेकर वायरल खबरें पूरी तरह गलत हैं। फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव सरकार के सामने नहीं है और लोगों को अफवाहों से बचकर रहना चाहिए।