Jammu and Kashmir: गणतंत्र दिवस से पहले सुरक्षा बलों ने जम्मू-कश्मीर में एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया है। कठुआ जिले के बिलावर इलाके में सुरक्षा बलों के संयुक्त ऑपरेशन में जैश-ए-मोहम्मद का एक आतंकी मुठभेड़ में मारा गया। सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही अलर्ट पर थीं और पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
खुफिया सूचना पर शुरू हुआ संयुक्त ऑपरेशन
सुरक्षा बलों को सूचना मिली थी कि जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा आतंकी उसमान बिलावर क्षेत्र में छिपा हुआ है। इसके बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना और सीआरपीएफ ने मिलकर इलाके की घेराबंदी की। सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकी ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई मुठभेड़ में वह मारा गया।
मुठभेड़ के बाद चला सघन तलाशी अभियान
आतंकी के मारे जाने के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना था कि क्षेत्र में कोई अन्य आतंकी या संदिग्ध छिपा न रह जाए। अधिकारियों के अनुसार, ऑपरेशन को बेहद सतर्कता और रणनीतिक तरीके से अंजाम दिया गया।
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जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा था मारा गया आतंकी
पुलिस के मुताबिक, मारा गया आतंकी प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का सदस्य था। जम्मू रेंज के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस ने बताया कि ऑपरेशन अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और आसपास के इलाकों में निगरानी जारी है। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं।
गणतंत्र दिवस से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
26 जनवरी को देखते हुए जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है और निगरानी बढ़ा दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि किसी भी तरह की चूक से बचने के लिए लगातार अभियान और जांच जारी रहेगी।