लखनऊ। उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) ने शनिवार को आजमगढ़ में बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित आतंकी संगठन अलकायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (एक्यूआईएस) से जुड़े होने के आरोप में मोहम्मद नबील को गिरफ्तार किया। महमूरपुर के चितारा गांव निवासी नबील पर सोशल मीडिया के जरिये युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ने और उन्हें मुजाहिद बनाने की दिशा में काम करने का आरोप है। एटीएस ने उसके खिलाफ अपने थाने में एफआईआर दर्ज करने के बाद गिरफ्तारी की।
एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश के मुताबिक, एटीएस को सूचना मिली थी कि नबील एक्यूआईएस की विचारधारा का प्रचार-प्रसार कर रहा है। वह एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया मंचों पर समूह बनाकर युवाओं को जोड़ रहा था और कथित तौर पर उन्हें जिहाद के लिए तैयार करने तथा इसके लिए धन जुटाने की योजना बना रहा था। जांच में उसके मोबाइल फोन से अरबी नाम ‘ला गालिब-इल्लल्लाह’ वाला व्हाट्सऐप समूह सामने आया। समूह में जुड़े लोगों को वह ‘मुजाहिद’ कहकर संबोधित करता था।
जांच एजेंसियों के अनुसार, समूह में जम्मू-कश्मीर के युवाओं के साथ बांग्लादेश, म्यांमार और सऊदी अरब के लोग भी जुड़े थे। नबील पर आतंकी विचारधारा से जुड़ी किताबें और सामग्री साझा करने का आरोप है। वह दूसरे व्हाट्सऐप समूहों से भी जुड़ा था, जिनमें अलकायदा की विचारधारा का प्रचार होने की बात सामने आई है।
एटीएस की जांच में यह भी सामने आया कि नबील पाकिस्तान, तुर्की और बांग्लादेश जाकर प्रशिक्षण हासिल करने की तैयारी कर रहा था। अधिकारियों के मुताबिक, वह आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल होने वाली सामग्री और बम बनाने से संबंधित सामग्री जुटाने की कोशिशों में भी शामिल था। सुरक्षा एजेंसी अब उसके संपर्कों, डिजिटल नेटवर्क और विदेशों से जुड़े कनेक्शन की पड़ताल कर रही है।
एटीएस आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड की मांग करेगी। जांच का फोकस इस बात पर है कि नबील के संपर्क में कितने युवा थे और क्या उसने अकेले यह नेटवर्क तैयार किया था या इसके पीछे कोई बड़ा आतंकी मॉड्यूल सक्रिय है।