Test Cricket Records : टेस्ट क्रिकेट में कई बल्लेबाज लंबी पारियां खेलकर रिकॉर्ड बनाते हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जिनके नाम बिना रन बनाए सबसे ज्यादा गेंदें खेलने का अनचाहा रिकॉर्ड दर्ज है। न्यूजीलैंड के ज्यॉफ एलॉट इस सूची में सबसे ऊपर हैं। उन्होंने 1999 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 77 गेंदों का सामना किया, लेकिन खाता तक नहीं खोल सके। इस पारी में वह 101 मिनट तक क्रीज पर टिके रहे। इंग्लैंड के दिग्गज जेम्स एंडरसन और पाकिस्तान के तेज गेंदबाज शोएब अख्तर जैसे नाम भी इस अनोखी सूची में शामिल हैं।
ज्यॉफ एलॉट के नाम सबसे ज्यादा गेंदें खेलकर शून्य पर आउट होने का रिकॉर्ड
न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज ज्यॉफ एलॉट के नाम टेस्ट क्रिकेट में बिना रन बनाए सबसे ज्यादा गेंदें खेलने का रिकॉर्ड दर्ज है। साल 1999 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने 77 गेंदों का सामना किया, लेकिन एक भी रन नहीं बना सके। वह करीब 101 मिनट तक क्रीज पर टिके रहे। इतनी देर बल्लेबाजी करने के बाद भी खाता नहीं खुलना टेस्ट क्रिकेट की सबसे अनोखी घटनाओं में गिना जाता है। इसी वजह से उनका नाम इस रिकॉर्ड सूची में सबसे ऊपर है।
जेम्स एंडरसन भी 55 गेंदें खेलकर नहीं खोल पाए थे खाता
इंग्लैंड के दिग्गज तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन का नाम भी इस सूची में शामिल है। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने 2014 में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट मैच में 55 गेंदों का सामना किया, लेकिन कोई रन नहीं बना सके। एंडरसन अपनी शानदार गेंदबाजी के लिए मशहूर रहे हैं, लेकिन बल्लेबाजी में उनके नाम यह अनचाहा रिकॉर्ड भी जुड़ा है। टेस्ट क्रिकेट में निचले क्रम के बल्लेबाजों को कई बार मुश्किल गेंदबाजी का सामना करना पड़ता है और रन बनाना बेहद कठिन हो जाता है।
रिचर्ड एलिसन और पीटर सच भी इस सूची में शामिल
बिना रन बनाए सबसे ज्यादा गेंदें खेलने वाले बल्लेबाजों की सूची में रिचर्ड एलिसन और पीटर सच के नाम भी आते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, एलिसन ने 1984 में भारत के खिलाफ 52 गेंदें खेलीं, लेकिन खाता नहीं खोल सके। वहीं, पीटर सच ने 1999 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 51 गेंदों का सामना किया और बिना रन बनाए आउट हो गए। ये आंकड़े बताते हैं कि टेस्ट क्रिकेट में लंबी गेंदबाजी का सामना करने के बावजूद बल्लेबाज के लिए रन बनाना हमेशा आसान नहीं होता।
मिगेल कमिंस ने भारत के खिलाफ खेलीं 45 गेंदें
वेस्टइंडीज के मिगेल कमिंस भी इस अनचाहे रिकॉर्ड की सूची में शामिल हैं। उन्होंने 2019 में भारत के खिलाफ टेस्ट मैच में 45 गेंदों का सामना किया, लेकिन अपना खाता नहीं खोल सके। इस सूची में माइक व्हिटनी और पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर के नाम भी दर्ज हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों ने 42-42 गेंदें खेलकर शून्य पर अपना विकेट गंवाया था। तेज गेंदबाजों की बल्लेबाजी में तकनीकी चुनौतियां अक्सर सामने आती हैं, खासकर तब जब सामने अनुभवी गेंदबाज हों।
निक मैडिनसन भी 2026 में बने चर्चा का हिस्सा
ऑस्ट्रेलिया के निक मैडिनसन का नाम भी इस रिकॉर्ड को लेकर चर्चा में आया। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने 2026 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 33 गेंदों का सामना किया, लेकिन कोई रन नहीं बना सके। इसी घटना के बाद टेस्ट क्रिकेट में बिना खाता खोले सबसे ज्यादा गेंदें खेलने वाले बल्लेबाजों की सूची फिर चर्चा में आ गई। हालांकि, मैडिनसन की 33 गेंदें ज्यॉफ एलॉट के 77 गेंदों के रिकॉर्ड से काफी कम हैं। इस सूची में मंजुरुल इस्लाम, कीथ आर्थरटन और हीथ स्ट्रीक जैसे खिलाड़ियों के नाम भी बताए गए हैं।
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टेस्ट क्रिकेट में ऐसा रिकॉर्ड बनना क्यों खास है?
टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाज को लंबे समय तक क्रीज पर टिकने का मौका मिलता है, लेकिन हर खिलाड़ी की भूमिका एक जैसी नहीं होती। निचले क्रम के बल्लेबाज अक्सर तेज गेंदबाजों का सामना करते हैं और उनके लिए रन बनाना मुश्किल हो सकता है। कभी बल्लेबाज विकेट बचाने की कोशिश में रन नहीं बना पाता, तो कभी गेंदबाज उसे लगातार दबाव में रखता है। ज्यॉफ एलॉट का 77 गेंदों पर शून्य का रिकॉर्ड इसी तरह की असामान्य पारियों में शामिल है। यह रिकॉर्ड बताता है कि टेस्ट क्रिकेट में केवल लंबे समय तक टिके रहना ही नहीं, बल्कि रन बनाना भी बड़ी चुनौती है।