बरेली के भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) के वैज्ञानिकों ने एक अनोखी उपलब्धि हासिल की है.पहली बार एक साथ छह गायों और एक भैंस में लैब में तैयार किए गए टेस्ट‑ट्यूब भ्रूण लगा कर उन्हें ‘सरोगेट मदर’ बनाया गया है. इन लैब में विकसित भ्रूणों को ओपीयू‑आईवीएफ तकनीक के ज़रिए पांच साहीवाल, एक थारपरकर गाय और एक मुर्रा भैंस के गर्भों में प्रत्यारोपित किया गया है. इसका परिणाम करीब सात से नौ महीने बाद ‘टेस्ट‑ट्यूब बच्चे’ के जन्म लेने के बाद होगा, जिनका वंश ऊंची नस्ल का होगा, न कि सरोगेट मां का.
बढ़ेगी प्रजनन दर
वैज्ञानिकों के अनुसार, सामान्य हालात में एक गाय या भैंस साल में एक बार ही प्रजनन कर सकती है पर ओपीयू‑आईवीएफ तकनीक से एक गाय से साल में लगभग 20 और एक भैंस से 10 भ्रूण बनाए जा सकते हैं. इससे उच्च प्रजनन दर और बेहतर नस्ल वाले पशुओं की संख्या तेजी से बढ़ेगी, जो दूध की बढ़ोतरी और कृषि आय के दृष्टिकोण से किसानों के लिए फ़ायदेमंद है.
आईवीआरआई ने इससे पहले 2018 में सुपर‑ओवुलेशन विधि से साहीवाल नस्ल के करीब 30 बछड़े‑बछिया पैदा किए थे. इस नए प्रयोग को लेकर संस्थान का समर्थन राष्ट्रीय गोकुल मिशन और अन्य सरकारी योजनाओं के जरिए भी हो रहा है. इस प्रयोग की सफलता के बाद, पूरे देश में इस तकनीक का इस्तेमाल बढ़ सकता है और किसानों को बेहतर नस्ल के मवेशियों से लाभ होगा.
क्या -क्या होंगे फायदे?
बरेली के आईवीआरआई में ओपीयू‑आईवीएफ तकनीक से हुई इस सफलता से किसानों और कृषि विज्ञान के क्षेत्र में कई बड़े फायदे होंगे
बीमारी और संक्रमण का खतरा कम
भ्रूण उच्च सुरक्षा वातावरण में तैयार होने के कारण पशुओं के बीच संक्रामक रोगों के फैलाव की संभावना बहुत कम होती है. युवा गाय या गर्भवती गाय से भी लैब में भ्रूण प्राप्त किए जा सकते हैं, जिससे प्रजनन का समय कम होता है और संतानों की संख्या सटीक होती है.
आर्थिक लाभ और विकास
बेहतर नस्ल बढ़ने से दूध उत्पादन बढ़ेगा, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी. उच्च गुणवत्ता वाले जीन की त्वरित उपलब्धता, दूध क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और अंतरराष्ट्रीय व्यापार अवसर बढ़ने की दिशा में भी सहायता होगी.
आईवीआरआई के इस प्रयोग से इस पर भी काम हो सकता है कि किस तरह नई तकनीकों के जरिए 'उत्तम नस्ल’, 'रोग प्रतिरोध', 'दुग्ध मात्रा' और ‘आर्थिक समृद्धि’ सभी एक साथ आगे बढ़ सकते हैं. यह कृषि क्षेत्र और किसानों के लिए एक आधुनिक और सुरक्षित प्रगति का मार्ग खोलता है.