दक्षिण-पूर्व एशिया में पांच दिन से जारी संघर्ष को खत्म करते हुए थाईलैंड और कंबोडिया ने रविवार को कुआलालंपुर में ऐतिहासिक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस समझौते में मध्यस्थ की भूमिका निभाई और कहा कि “जिसे लोग असंभव मान रहे थे, उसे हमने संभव कर दिखाया।” यह समझौता दोनों देशों के बीच मंदिर विवाद को लेकर चली लड़ाई को समाप्त करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
ट्रम्प की मध्यस्थता से खत्म हुआ संघर्ष
थाईलैंड और कंबोडिया के बीच पिछले कई दिनों से एक प्राचीन मंदिर की सीमा को लेकर तनाव चल रहा था। यह विवाद तब बढ़ गया जब दोनों देशों की सेनाओं में झड़प हुई और 48 लोगों की मौत हो गई। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पहल करते हुए दोनों पक्षों को वार्ता की मेज पर लाया। कुआलालंपुर में आयोजित बैठक में दोनों देशों के नेताओं ने शांति के लिए समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए।
ट्रम्प बोले- “दो साहसी नेताओं ने दुनिया को नई दिशा दी”
समझौते के बाद आयोजित समारोह में ट्रम्प ने कहा कि यह क्षण बेहद ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा, “दो महान देशों ने दिखाया कि जब नेतृत्व मजबूत होता है, तब असंभव भी संभव हो जाता है।” ट्रम्प ने दोनों देशों के नेताओं की सराहना करते हुए कहा कि यह समझौता पूरे एशिया में शांति और स्थिरता की नई शुरुआत है।
मलेशिया पहुंचे ट्रम्प, किया स्थानीय कलाकारों के साथ डांस
समझौते से पहले ट्रम्प मलेशिया पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने रेड कार्पेट पर उनका स्वागत किया। इस मौके पर ट्रम्प ने स्थानीय कलाकारों के साथ पारंपरिक नृत्य भी किया। वे 2017 के बाद पहली बार इस क्षेत्रीय सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं।
आसियान समिट में होगी बड़े मुद्दों पर चर्चा
कुआलालंपुर में आज से शुरू हुई 47वीं आसियान समिट में दक्षिण-पूर्व एशिया के 10 देश शामिल हो रहे हैं। इस समिट की थीम “Inclusivity and Sustainability” रखी गई है। भारत की ओर से विदेश मंत्री एस जयशंकर प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअली जुड़ेंगे।