गोवा के बिर्च नाइटक्लब आगकांड में फरार आरोपियों सौरभ और गौरव लूथरा पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी शिकंजा कस गया है। गोवा पुलिस के इनपुट और केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से इंटरपोल ने महज दो दिन में ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया। यह नोटिस उन संदिग्धों पर जारी होता है जिनकी जानकारी जुटानी हो और जिन्हें दूसरे देश में भागने से रोकना हो। बताया जा रहा है कि दोनों भाई आग लगने के तुरंत बाद ही रविवार सुबह 5:30 बजे इंडिगो फ्लाइट से थाईलैंड के फुकेट के लिए रवाना हो गए थे। गिरफ्तारी और पूछताछ से बचने के लिए वे देश छोड़कर भाग निकले, लेकिन नोटिस जारी होने के बाद अब उनका बच पाना लगभग नामुमकिन है।
क्या होता है ब्लू कॉर्नर नोटिस, कैसे फंसे आरोपी?
इंटरपोल दुनिया का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय पुलिस नेटवर्क है, जिसमें 190 से ज्यादा देश शामिल हैं। भारत में इंटरपोल से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी CBI संभालती है। इंटरपोल अपराधियों को खुद गिरफ्तार नहीं करता, लेकिन उन तक पहुंचने के लिए देशों को महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है। इसके कई रंग-कोडेड नोटिस होते हैं, जिनमें ब्लू कॉर्नर नोटिस उस संदिग्ध व्यक्ति की लोकेशन, पहचान और गतिविधियों की जानकारी जुटाने के लिए जारी किया जाता है। यह नोटिस जारी होने के बाद आरोपी किसी भी देश में आसानी से यात्रा नहीं कर सकता, क्योंकि एयरपोर्ट और इमीग्रेशन सिस्टम तुरंत अलर्ट हो जाते हैं।
गोवा पुलिस की तेजी का असर
लूथरा भाइयों के अलावा इस केस में एक और बड़ा नाम अजय गुप्ता का सामने आया है, जिसे दिल्ली से हिरासत में लिया गया। अजय गुप्ता क्लब का वित्तीय साझेदार बताया जा रहा है। उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी था और पुलिस जब घर पहुंची तो वह वहां नहीं मिला। बाद में उसे अस्पताल में ट्रेस कर पकड़ा गया। कानूनी प्रक्रिया पूरी होते ही उसे गोवा लाया जाएगा। अजय समेत अब तक छह आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है, जिनमें क्लब के जनरल मैनेजर, बार मैनेजर, गेट मैनेजर और अन्य कर्मचारी शामिल हैं।
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25 मौतों वाला केस, अब बड़े आरोपियों की गिरफ्तारी तय?
6 दिसंबर की रात लगी भीषण आग में 25 लोगों की मौत हुई थी, जिसके बाद से पूरा मामला देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब इंटरपोल नोटिस के बाद सौरभ और गौरव की गिरफ्तारी होना लगभग तय माना जा रहा है। दोनों ने दिल्ली की एक अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी दी है, लेकिन उनका विदेश भाग जाना शक को और गहरा कर रहा है। पुलिस अब ब्लू कॉर्नर नोटिस की मदद से उनकी लोकेशन पता कर उन्हें भारत वापस लाने की कोशिश में जुटी है। आने वाले दिनों में इस केस में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।