Tharoor silent vrat नई दिल्ली।लोकसभा में पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर हो रही अहम चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद शशि थरूर को बोलने का मौका नहीं मिलने पर हलचल मच गई। मीडिया ने जब उनसे इस पर सवाल पूछा, तो थरूर ने मुस्कुराते हुए कहा, "मौन व्रत... मौन व्रत..." और बिना कोई और टिप्पणी किए सदन की ओर बढ़ गए। कांग्रेस की ओर से जारी छह वक्ताओं की सूची में उनका नाम नहीं है, जिस पर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
कांग्रेस की लिस्ट में क्यों नहीं थरूर?
कांग्रेस ने लोकसभा में अपने छह प्रमुख वक्ताओं के नाम घोषित किए हैं, जिनमें गौरव गोगोई, प्रियंका गांधी वाड्रा, दीपेंद्र हुड्डा, प्रणीति शिंदे, सप्तगिरि उलाका और बिजेंद्र ओला शामिल हैं। लेकिन शशि थरूर का नाम इस सूची से गायब है। सूत्रों की मानें तो थरूर ने कांग्रेस संसदीय दल (CPP) कार्यालय को इस पर बोलने का कोई अनुरोध ही नहीं भेजा था। फिर भी, उनके तंज भरे जवाब से यह संकेत मिल रहा है कि वे खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
पहलगाम हमला और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा
यह विशेष चर्चा 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर केंद्रित है, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की मौत हुई थी। इसके जवाब में भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हो रही है। इस पर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच 16-16 घंटे की चर्चा की सहमति बनी है। चर्चा में सरकार की ओर से राजनाथ सिंह, एस जयशंकर, अनुराग ठाकुर जैसे दिग्गज भाग ले रहे हैं।
अमेरिकी दौरे और आंतरिक खींचतान की चर्चा
हाल ही में भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को उजागर करने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल अमेरिका भेजा था, जिसका नेतृत्व शशि थरूर ने किया। इस बीच कांग्रेस द्वारा उन्हें मुख्य वक्ताओं में शामिल न करना इस बात की ओर इशारा कर रहा है कि पार्टी के अंदर कुछ न कुछ मतभेद जरूर हैं।