
अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट ज्ञानेंद्र सिंह यादव ने नाबालिग किशोरी के साथ अश्लील हरकत व छेड़खानी करने के आरोप में अभियुक्त को तीन वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
विशेष लोक अभियोजक हरेंद्र त्यागी ने बताया कि एक नवंबर 2020 को धौलाना थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी की 15 वर्षीय पुत्री घर से जंगल जा रही थी। तभी सामने की सड़क पर नर्सरी के पास उसके गांव का वाशिद मिला। जिसने उनकी लड़की के साथ अश्लील हरकतें और छेडखानी की। पुत्री ने शोर मचाया तब खेत पर काम करने वाले कई लोग मौके पर आ गए। जिन्हें देख आरोपी वाशिद खेतों की तरफ भाग लिया। जानकारी मिलने पर वह भी मौके पर पहुंचा तो पुत्री ने घटना के बारे में जानकारी दी।
विशेष लोक अभियोजक हरेंद्र त्यागी ने बताया कि पुलिस ने आरोपी वाशिद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की जांच कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया था। उन्होंने बताया कि बुधवार को दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) ज्ञानेंद्र सिंह यादव ने निर्णय सुनाया। न्यायाधीश ने धारा 7/8 के तहत अभियुक्त वाशिद को तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने की दशा में एक माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भोगना होगा। पोक्सो एक्ट के प्रावधानों के अनुसार पीड़िता को पुनर्वास के लिए अंकन 25,000 रूपये की प्रतिकर धनराशि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हापुड़ द्वारा देय होगी।