हापुड़: अपर सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश (पोक्सो एक्ट) ज्ञानेंद्र सिंह यादव ने नाबालिग किशोरी का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में दोषी अभियुक्त को कड़ी सजा सुनाई है। न्यायालय ने अभियुक्त सलमान को 15 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
विशेष लोक अभियोजक हरेंद्र त्यागी ने बताया कि यह मामला थाना धौलाना क्षेत्र के एक गांव से जुड़ा है। पीड़ित पिता ने 20 सितंबर 2017 को धौलाना थाने में मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि उसकी 15 वर्षीय पुत्री को उसी गांव का रहने वाला सलमान बहला-फुसलाकर अपहरण कर ले गया था। पीड़ित ने बताया कि अपहरण के दौरान नसीम अहमद के घेवते परवेज, निवासी बड्ढा थाना किठौड़ जिला मेरठ ने दोपहर करीब दो बजे धौलाना बस स्टैंड पर आरोपी को टेंपो में किशोरी को ले जाते हुए देखा था।
सूचना मिलने के बाद पीड़ित और गांव के अन्य लोगों ने किशोरी व आरोपी की तलाश शुरू की। तलाश के दौरान ग्राम बदरखा के जंगल से गांव की ओर आते समय किशोरी मिल गई, जबकि आरोपी सलमान खेतों के रास्ते फरार हो गया। पीड़ित ने मामले में औसाफ की भूमिका पर भी संदेह जताया था।
पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर अपहरण का मुकदमा दर्ज कर आरोपी सलमान को गिरफ्तार किया। विवेचना के दौरान किशोरी के साथ दुष्कर्म की पुष्टि होने पर मामले में दुष्कर्म की धाराएं बढ़ाई गईं और आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।
गुरुवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने फैसला सुनाया। अभियुक्त सलमान को भारतीय दंड संहिता की धारा 363 के तहत चार वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा दी गई। अर्थदंड न देने की स्थिति में दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं पोक्सो एक्ट की धारा 3/4 के तहत 15 वर्ष का सश्रम कारावास और 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर पांच माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।