हापुड़: जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में शहीद हुए भारतीय सेना के जवान रिंकल बालियान का पार्थिव शरीर शनिवार सुबह हाफिजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम भटैल पहुंचा। जैसे ही तिरंगे में लिपटा शहीद का शव गांव पहुंचा, हजारों की संख्या में ग्रामीणों और युवाओं ने भारत माता की जय के गगनभेदी नारे लगाए। पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया और हर आंख नम नजर आई।
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार को भदरवाह–तंबा अंतरराज्यीय मार्ग पर भारतीय सेना का एक बुलेटप्रूफ ट्रक अनियंत्रित होकर लगभग 200 फीट गहरी खाई में गिर गया था। इस भीषण हादसे में देश की सेवा करते हुए 10 जवान शहीद हो गए थे, जबकि 11 जवान गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
खराब मौसम के कारण शुक्रवार को नहीं आ सका था शव
इस हादसे में शहीद हुए जवानों में हापुड़ जनपद के हाफिजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम भटैल निवासी रिंकल बालियान भी शामिल थे। शहादत की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया था और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई थी। शुक्रवार देर रात तक ग्रामीण शहीद के पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने का इंतजार करते रहे, लेकिन खराब मौसम के चलते शव नहीं पहुंच सका।
शनिवार सुबह सेना के वाहन से शहीद रिंकल का पार्थिव शरीर गांव लाया गया। इस दौरान सीओ पिलखुवा अनीता चौहान, एसडीएम सदर इला प्रकाश, थाना प्रभारी हाफिजपुर प्रवीन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे।सुबह से ही आसपास के गांवों के लोग अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि देने के लिए भटैल पहुंचने लगे थे। जैसे ही शहीद का शव गांव में दाखिल हुआ, पूरा गांव भारत माता के जयकारों से गूंज उठा।
शहीद की मां मंजू देवी और पत्नी रिंकी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। भाई ऋषभ किसी तरह मां और भाभी को सांत्वना देता नजर आया।शहीद रिंकल की शहादत पर हर किसी की आंखें नम थीं, लेकिन उनकी जाबाजी और देशभक्ति को सभी ने नमन किया। गांव ने अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी।