Noida News; ग्रेटर नोएडा के दनकौर क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को सदमा पहुंचा दिया है। दौला रजपुरा (दौला राजपुरा) गांव के पास गंग नहर में डूबे चार वर्षीय मासूम अदनान का शव छह दिन बाद मथुरा जिले के निकट नहर में बहता हुआ बरामद हुआ। बच्चा अपने बड़े भाई के साथ नहर किनारे खेल रहा था, जब बहते नारियल को पकड़ने की कोशिश में दोनों पानी में उतर गए। बड़ा भाई किसी तरह किनारे पर आ गया, लेकिन छोटा अदनान तेज बहाव में बह गया और डूब गया।
हादसे का पूरा ब्यौरा
घटना 28 फरवरी 2026 को हुई, जब गांव निवासी इसरार के चार साल के बेटे अदनान अपने 8-10 साल के बड़े भाई जुनैद और छोटी बहन के साथ घर से महज 200 मीटर दूर गंग नहर के किनारे खेल रहे थे। नहर में बहता हुआ एक नारियल देखकर बच्चे उत्साहित हो उठे। बड़े भाई ने नारियल पकड़ने के लिए पानी में कदम रखा, लेकिन पैर फिसल गया। पीछे-पीछे आया अदनान भी संतुलन खो बैठा और गहरे, तेज बहाव वाले पानी में गिर पड़ा। नहर की तेज धारा उसे बहा ले गई। बड़े भाई ने किसी तरह किनारे पर पहुंचकर चिल्लाकर मदद मांगी, लेकिन तब तक अदनान दूर बह चुका था।
रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया
परिजनों और ग्रामीणों ने तुरंत दनकौर पुलिस को सूचना दी। पुलिस, स्थानीय गोताखोरों और राहत दलों के साथ एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) और एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीमें मौके पर पहुंचीं। टीमों ने ड्रोन, नावों और गोताखोरों की मदद से नहर के कई किलोमीटर क्षेत्र में लगातार तलाश अभियान चलाया। शुरुआती तीन दिनों तक कोई सुराग नहीं मिला, जिसके बाद सोमवार को रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया था और परिवार को प्रशासन की ओर से 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की गई थी।
शव बरामदगी और पोस्टमार्टम
छह दिन बाद शुक्रवार को मथुरा जिले के पास गंग नहर में स्थानीय लोगों को एक बच्चे का शव बहता हुआ दिखाई दिया। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल ने शव को बरामद किया। शव की पहचान अदनान के रूप में हुई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिवार में गहरा शोक है। अदनान के पिता इसरार मजदूरी करते हैं और परिवार में अदनान के अलावा बड़े भाई और छोटी बहन हैं। अदनान हाल ही में किडनी स्टोन की सर्जरी से ठीक हुआ था, जिससे परिवार का दर्द और गहरा हो गया है।
परिवार और ग्रामीणों की व्यथा
परिवार रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम का माहौल छाया हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि नहर किनारे कोई रेलिंग, बैरिकेडिंग या सुरक्षा दीवार नहीं है, जिस कारण ऐसी घटनाएं बार-बार होती हैं। कई लोग प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं कि नहर के खतरनाक स्थानों पर सुरक्षा उपाय नहीं किए गए।
प्रशासन का बयान
दनकौर पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। एसडीएम और अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे थे। पुलिस ने बताया कि यह एक दुखद हादसा है, जो बच्चों की लापरवाही और नहर के तेज बहाव के कारण हुआ। इलाके में नहर किनारे बच्चों के खेलने पर सख्ती बरतने और सुरक्षा उपायों (जैसे फेंसिंग, चेतावनी बोर्ड) को मजबूत करने की मांग जोर पकड़ रही है।