UP News: ओम प्रकाश राजभर हों या केशव प्रसाद मौर्य, अनुप्रिया पटेल का क्षेत्र हो या बृजेश पाठक का मंत्रालय। बजट सत्र चल रहा है और बजट प्रस्तावित हो चुका है। वर्ष 2026-27 के लिए उत्तर प्रदेश के बजट सत्र में इन सभी नेताओं के लिए भरपूर प्रावधान किए गए हैं। स्वास्थ्य, पंचायती राज और ग्राम विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों को जमकर बजट दिया गया है। इसके अलावा महत्वपूर्ण नेताओं के क्षेत्र में भी सरकार की ओर से विकास कार्यों के लिए कोई कमी नहीं छोड़ी गई है।
9.12 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बजट पेश किया
योगी सरकार ने विधानसभा में 9.12 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बजट पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने इसे दीर्घकालिक विकास और रोजगार का बजट बताया। कुल व्यय में 19.5 प्रतिशत पूंजीगत व्यय, शिक्षा को 12.4 प्रतिशत, स्वास्थ्य को 6 प्रतिशत और कृषि को 9 प्रतिशत हिस्सा दिया गया। सड़क-सेतु पर 34,468 करोड़, एमएसएमई पर 3,822 करोड़ और इंफ्रास्ट्रक्चर-औद्योगिक विकास पर 27,103 करोड़ रुपये आवंटित किए गए।
बड़े नेताओं के जिलों और विभागों को वरीयता
बजट में प्रदेश के सभी 75 जिलों में सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने के लिए 575 करोड़ रुपये दिए गए। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के लखनऊ कैंट सीट और लखनऊ जिले में दूध उत्पादन कंपनियां, नाइट सफारी पार्क और शहरी विकास पर खास फोकस रहा। पाठक के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य व चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को 37,956 करोड़ रुपये दिए गए। यह 2025-26 की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक है। कुल बजट का लगभग 6 प्रतिशत स्वास्थ्य क्षेत्र पर आवंटित है। चिकित्सा शिक्षा के लिए अलग से 14,997 करोड़ रुपये, जिसमें 14 नए मेडिकल कॉलेजों के लिए 1,023 करोड़ शामिल हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के लिए 8,641 करोड़ और आयुष्मान भारत के लिए 2,000 करोड़ का प्रावधान है।
25000 करोड़ दिए गए हैं
केशव प्रसाद मौर्य उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के विभाग ग्राम्य विकास को 25000 करोड़ दिए गए हैं। यह ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा, जल जीवन मिशन आदि से जुड़ा है। इसके अलावा उनके क्षेत्र सिराथू में 25 करोड़ की परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई है।
विभाग को भी ठीकठाक बजट दिया गया
ओमप्रकाश राजभर जो कि पंचायतीराज मंत्री उनके विभाग को भी ठीकठाक बजट दिया गया है। पंचायती राज 32,090 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। यह पिछले वर्ष (2025-26) की तुलना में 67 प्रतिशत अधिक है। पंचायत चुनावों को ध्यान में रखते हुए बड़ा इजाफा किया गया है। इसमें ग्राम पंचायत भवनों, डिजिटल लाइब्रेरी, स्टेडियम/ओपन जिम, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) आदि योजनाओं के लिए प्रावधान शामिल हैं। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष एवं पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर के गाजीपुर जिले (जहूराबाद विधानसभा) में भी औद्योगिक क्षेत्र और पंचायती राज योजनाओं को मजबूती मिली।
इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स तेजी से आगे बढ़ रहे
अपनादल (सोनेलाल) की अनुप्रिया पटेल के मिर्जापुर क्षेत्र में पर्यटन, स्वास्थ्य और निर्यात हब पर जोर दिया गया। सपा विद्रोही विधायकों के जिलों सहित अन्य सहयोगी नेताओं के क्षेत्रों में भी सड़क, बिजली और कौशल केंद्रों की घोषणाएं हुईं। बजट दस्तावेजों में स्पष्ट है कि विकास योजनाएं पूरे प्रदेश में समान रूप से फैली हैं, लेकिन नेताओं के जिलों में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
टॉप 10 जिलों में उच्चतम आवंटन
बजट में लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद, आगरा, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, मेरठ और अलीगढ़ जैसे जिलों को सड़क, औद्योगिक क्षेत्र और शहरी विकास के लिए सबसे अधिक फंड मिला। पूरे प्रदेश में 75 जिलों में एक-एक औद्योगिक जोन बनने से हर जिले को लाभ पहुंचेगा, लेकिन बड़े शहरों में पूंजीगत व्यय सबसे अधिक रहा।
10 लाख युवाओं को नौकरियां देने का लक्ष्य
सरकार ने 10 लाख युवाओं को नौकरियां देने का लक्ष्य रखा. उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन बनाया गया, जिसमें घरेलू-विदेशी रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएंगे। 75 जिलों में कौशल एवं प्लेसमेंट सेंटर्स (पीपीपी मोड) खुलेंगे। महिलाओं के लिए अलग केंद्र, 286 आईटीआई में 1.90 लाख सीटें और चीफ मिनिस्टर युवा स्वरोजगार योजना शुरू होगी। एमएसएमई और टेक्सटाइल सेक्टर से 53,000+ प्रत्यक्ष नौकरियां आने की उम्मीद है।
मध्यम वर्ग के लिए उत्कृष्ट योजना
मध्यम वर्ग के लिए नई आवासीय योजनाएं शुरू की गईं। लखनऊ, आगरा, मेरठ और बुलंदशहर में 22-35 वर्षों बाद नई हाउसिंग स्कीम लॉन्च हुई। मेरिटोरियस लड़कियों को स्कूटी, गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह पर सहायता 51,000 से बढ़ाकर 1.01 लाख रुपये की गई। स्वास्थ्य, शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च से मध्यम वर्ग को अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
सामाजिक मुद्दों पर नए प्रावधान
सामाजिक कल्याण पर 14,953 करोड़ (8 प्रतिशत वृद्धि), अल्पसंख्यक कल्याण पर 2,058 करोड़ और दिव्यांगजन सशक्तिकरण पर 2,140 करोड़ रुपये। मास मैरिज स्कीम पर 750 करोड़, एससी-जनरल छात्रवृत्ति पर 1,927 करोड़, बूढ़े-किसान पेंशन में वृद्धि। कैंसर संस्थान (लखनऊ) के लिए 315 करोड़ और महिला हॉस्टल के लिए 100 करोड़ दिए गए।
9.73 करोड़ रुपये अतिरिक्त दिए गए
साइबर पुलिस स्टेशनों को मजबूत करने के लिए 9.73 करोड़ रुपये अतिरिक्त दिए गए। राज्य ने साइबर फ्रॉड में फंड फ्रीज करने में देश में तीसरा स्थान हासिल किया। डिजिटल अरेस्ट, फिशिंग, ओटीपी फ्रॉड पर नकेल कसने के लिए टेक्नोलॉजी, ट्रेनिंग और मैनपावर बढ़ाया गया। देश के टॉप 5 राज्यों में बजट 2025-26 में उत्तर प्रदेश का बजट सबसे बड़ा (8.08 लाख करोड़) था। 2026-27 में 9.12 लाख करोड़ के साथ यूपी फिर टॉप पर है।