लखनऊ। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को माघ मेले के दौरान संगमनगरी प्रयागराज पहुंचे, जहां उन्होंने त्रिवेणी संगम में आस्था की पवित्र डुबकी लगाई। यह उनका माघ मेला 2026 के दौरान दूसरा संगम स्नान था। मुख्यमंत्री ने विधि-विधान से गंगा पूजन भी किया और प्रदेश की खुशहाली व जनकल्याण की कामना की।सुबह करीब 10:25 बजे सीएम योगी बमरौली एयरपोर्ट से सड़क मार्ग होते हुए वीआईपी घाट पहुंचे। वहां से स्टीमर के माध्यम से संगम नोज पर विशेष फ्लोटिंग जेटी पर पहुंचकर उन्होंने संगम में स्नान किया। इस दौरान उनके साथ जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
चौक स्थित सतुआ बाबा के आश्रम पहुंचे
सीएम योगी ने तीन बार आस्था की डुबकी लगाई, जिसके बाद गंगा पूजन किया। वे संगम पर लगभग 32 मिनट तक रुके। स्नान के दौरान कड़ाके की ठंड के बावजूद उनका उत्साह और खुशी साफ झलक रही थी। संगम स्नान के बाद मुख्यमंत्री ने नाव से संगम की सैर की और साइबेरियन पक्षियों को दाना भी खिलाया। इसके पश्चात वे बड़े हनुमानजी मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने दर्शन-पूजन किया। इसके बाद वे ख्वाब चौक स्थित सतुआ बाबा के आश्रम पहुंचे, जहां जगद्गुरु रामानंदाचार्य की 726वीं जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह में शामिल हुए। यहां 51 बटुकों ने पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। सीएम ने संतों-धर्माचार्यों से मुलाकात की और संत सम्मेलन में हिस्सा लिया।
स्नान पर्वों की तैयारियों की समीक्षा की
दोपहर में मुख्यमंत्री ने मेला प्राधिकरण सभागार में मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या जैसे प्रमुख स्नान पर्वों की तैयारियों की समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि व्यवस्थाएं महाकुंभ-2025 की तर्ज पर स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित रहें, ताकि करोड़ों श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।सीएम योगी का यह दौरा करीब 6-7 घंटे का रहा, जिसमें उन्होंने धार्मिक अनुष्ठानों से लेकर प्रशासनिक समीक्षा तक सभी कार्यक्रमों में सक्रिय भाग लिया। उनका यह प्रयास श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रतीक बना और माघ मेले की दिव्यता को और बढ़ावा दिया।