Vadh 2 Review: साल 2022 में आई फिल्म 'वध' ने अपने सस्पेंस और सधी हुई कहानी से दर्शकों को चौंका दिया था। अब उसी कहानी को आगे बढ़ाते हुए 'वध 2' सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है। संजय मिश्रा, नीना गुप्ता, कुमुद मिश्रा और शिल्पा शुक्ला जैसे दमदार अभिनेताओं से सजी यह फिल्म अभिनय के मामले में कहीं भी पीछे नहीं रहती। इसकी कहानी आपको पूरे समय बांधे रखती है। खास बात ये है कि फिल्म का क्लाइमेक्स दर्शकों को सबसे ज्यादा प्रभावित कर रहा है। आइए जानते हैं फिल्म को देखने के बाद लोगों ने एक्स पर क्या कुछ रिएक्सन्स दिए हैं।
दर्शकों ने शेयर की प्रतिक्रियाएं
आपको बता दें कि शुक्रवार को रिलीज हुई 'वध 2' देखने के बाद कई दर्शकों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रियाएं शेयर की। दर्शकों का कहना है कि कहानी में लगातार आने वाले मोड़ और आखिरी हिस्से में दिया गया झटका फिल्म को खास बना देता है। सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा तारीफ फिल्म के अंत की हो रही है। लोगों का कहना है कि आखिरी 20 मिनट फिल्म की पूरी दिशा बदल देते हैं और यहीं इसकी सबसे बड़ी ताकत छिपी है।
कलाकारों का अभिनय शानदार
फिल्म में संजय मिश्रा और नीना गुप्ता की केमिस्ट्री एक बार फिर चर्चा में है। नीना गुप्ता ने मंजू मिश्रा के किरदार में पहली फिल्म के मुकाबले इस भाग में कहीं ज्यादा हिम्मत दिखाई है। वहीं, संजय मिश्रा अपने शांत लेकिन अंदर से उथल-पुथल भरे किरदार में पूरी तरह ढले नजर आते हैं। इसके साथ ही सहायक भूमिकाओं में कुमुद मिश्रा, अमित के सिंह, योगिता बिहानी, अक्षय डोगरा और शिल्पा शुक्ला ने भी कहानी को मजबूती दी है।
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फिल्म की कहानी
बता दें कि फिल्म की शुरुआत 1994 से होती है जहां मंजू देवी (नीना गुप्ता) को डबल मर्डर के इल्जाम में 28 साल की सजा सुनाई जाती है। 28 साल से मंजू जिस जेल में बंद हैं उसी जेल का गार्ड शंभुनाथ मिश्रा (संजय मिश्रा) उससे प्यार करता है। शंभु जेल की सब्जियां चुराकर बाहर बेचता है और मंजू को जो भी मदद चाहिए होती है वो उसे उपलब्ध कराता है।
दर्शकों को आखिरी सीन आ रहा पसंद
इसी बीच प्रकाश सिंह (कुमुद मिश्रा) को जेल का नया अधीक्षक नियुक्त किया जाता है। दूसरी तरफ जेल के एक बिगड़ैल कैदी केशव (अक्षय डोगरा) की, 23 वर्षीय महिला कैदी नैना (योगिता बिहानी) पर नजरें खराब हो जाती हैं। एक रात कुछ ऐसा होता है कि प्रकाश, केशव की पिटाई कर देता है जिसके बाद केशव जेल से गायब हो जाता है। जांच बैठती है और पड़ताल करने के लिए इंस्पेक्टर अतीत सिंह (अमित के सिंह) जेल आते हैं। आगे की पूरी कहानी केशव को ढूंढने और उसके साथ क्या हुआ? इस बारे बात करती है।