
वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार को सबसे महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। यह सिर्फ घर में आने-जाने का रास्ता नहीं होता, बल्कि ऊर्जा के प्रवेश और प्रवाह का प्रमुख केंद्र होता है। ऐसे में अगर इस स्थान पर गलत रंग की टाइल्स या सजावट हो, तो इसका नकारात्मक असर सीधे आपके जीवन पर पड़ सकता है। आइए जानते हैं वास्तु एक्सपर्ट्स की राय कि फ्रंट गेट पर कौन से रंग की टाइल्स लगाना शुभ होता है और किन रंगों से दूरी बनाना जरूरी है।
मुख्य द्वार पर ये रंग करें इस्तेमाल
वास्तु के अनुसार, हल्के और प्राकृतिक रंग सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करते हैं। मुख्य द्वार पर सफेद, क्रीम, हल्का पीला, मिट्टी का रंग (टेरेकोटा) या हल्का हरा रंग बेहद शुभ माने जाते हैं। इन रंगों से घर में सुख-शांति बनी रहती है और मानसिक संतुलन बेहतर होता है। विशेषकर उत्तर, उत्तर-पूर्व और पूर्व दिशा वाले मुख्य द्वारों पर इन रंगों का इस्तेमाल करने से घर में आर्थिक वृद्धि और मानसिक शांति बनी रहती है।
इन रंगों से करें परहेज
कई लोग आजकल सजावट के लिए काले, गहरे लाल या चमकीले नीले रंग की टाइल्स मुख्य द्वार पर लगवा लेते हैं। लेकिन वास्तु शास्त्र में ये रंग अशुभ माने जाते हैं। काला रंग नकारात्मक ऊर्जा और अवरोधों का प्रतीक है। वहीं, गहरा लाल या मेटैलिक रंग घर में उग्रता और झगड़े की स्थिति पैदा कर सकता है। चमकीला नीला या बैंगनी रंग मानसिक तनाव और असमंजस बढ़ा सकते हैं, खासकर अगर आपका मुख्य द्वार दक्षिण या पश्चिम दिशा में है।
एक्सपर्ट की सलाह
वास्तु विशेषज्ञों की मानें तो मुख्य द्वार का रंग जितना सौम्य और हल्का होगा, घर में उतनी ही सकारात्मकता बनी रहेगी। इसके अलावा, मुख्य द्वार को हमेशा साफ, सजावटी और व्यवस्थित रखना चाहिए। दरवाजे के पास गंदगी या टूटी हुई टाइल्स वास्तु दोष को जन्म देती हैं और घर की तरक्की में बाधा बनती हैं। बेहतर होगा कि टाइल्स के चयन से पहले किसी वास्तु विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
सकारात्मक ऊर्जा का वास
अगर आप चाहते हैं कि आपके घर में समृद्धि, सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का वास हो, तो फ्रंट गेट की टाइल्स के रंग को हल्के और शुभ रंगों में ही चुनें। सजावट के नाम पर अगर गलत रंगों का चयन किया गया तो इसका असर परिवार की आर्थिक स्थिति और रिश्तों पर भी पड़ सकता है।