मध्य प्रदेश के डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा एक विवादास्पद बयान के चलते राजनीतिक घमासान के केंद्र में आ गए हैं। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर जबलपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि “पूरा देश और सेना उनके चरणों में नतमस्तक है।” कांग्रेस ने इसे सेना का अपमान बताते हुए इसे ‘घटिया और शर्मनाक’ करार दिया है और देवड़ा से माफी मांगने व पद से हटाने की मांग की है। बयान के वायरल होते ही विपक्ष और सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
कार्यक्रम में दिया बयान बना विवाद की जड़
जबलपुर में हुए एक कार्यक्रम में बोलते हुए देवड़ा ने पहलगाम आतंकी हमले का ज़िक्र किया और कहा कि “आतंकियों ने महिलाओं के सिंदूर मिटाए और निर्दोषों को धर्म पूछकर मारा… जब तक आतंकियों को पनाह देने वालों को मिटा नहीं देंगे, चैन नहीं मिलेगा।” इस दौरान उन्होंने कहा, “पूरी सेना और देश प्रधानमंत्री के चरणों में नतमस्तक है।”
कांग्रेस ने बताया अपमानजनक और शर्मनाक
कांग्रेस ने इस बयान को सेना के अपमान से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी। पार्टी ने लिखा, “यह सेना के शौर्य का अपमान है। भाजपा को और देवड़ा को माफी मांगनी चाहिए।” उन्होंने बयान को घटिया सोच की निशानी बताया।
पहले भी मंत्री की टिप्पणी से मचा था बवाल
इससे पहले एमपी सरकार में मंत्री कुंवर विजय शाह ने ऑपरेशन सिंदूर में शामिल कर्नल सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। अदालत से फटकार और FIR के बाद शाह को माफी मांगनी पड़ी, लेकिन विपक्ष अब भी उनकी बर्खास्तगी की मांग कर रहा है।
भाजपा पर बढ़ा विपक्ष का दबाव
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल लगातार बीजेपी सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। खबरों की मानें तो बीजेपी ने आंतरिक तौर पर नाराज़गी ज़ाहिर की है, लेकिन सार्वजनिक तौर पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
सेना को लेकर बयानबाज़ी पर बढ़ी संवेदनशीलता
देश में सेना को लेकर हो रहे राजनीतिक बयानों पर हाल के दिनों में काफी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। विपक्ष का कहना है कि सेना को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए, जबकि सरकार इसे राष्ट्रवाद की भावना से जोड़कर देखती है।