कानपुर। पनकी पुलिस ने चार महीने के मासूम के अपहरण कांड का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। मंदिर के बाहर से दंपति ने बच्चे का अपहरण कर पांच लाख में बेचा था। पनकी मंदिर के बाहर से एक ऑटो सवार दंपती ने बच्चे का अपहरण किया और फिर उसे एक दूसरे दंपती को पांच लाख रुपए में बेच दिया गया था। एडीसीपी वेस्ट कपिल देव सिंह ने बताया कि पुलिस ने अपहरण करने वाले और बच्चे को खरीदने वाले दोनों पक्षों के चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। एडीसीपी वेस्ट ने बताया, रावतपुर थाना क्षेत्र के थारू बस्ती में विनोद पत्नी सोनी के साथ रहता है। दोनों मंदिरों के बाहर भीख मांग कर परिवार का भरण पोषण करते हैं।
रोजाना की तरह बीती 28 नवंबर को भी पनकी मंदिर के बाहर भीख मांग रहे थे, इस दौरान उनका चार महीने का बच्चा भी वहीं था। तभी मंदिर के एक निकासी द्वार के बाहर खड़े दंपती ने पहले बच्चे को दुलारा और फिर उसे गेट नंबर चार की तरफ पैदल लेकर चल दिए। मंदिर के बाहर निकलते ही एक ऑटो बैठकर भाग निकले।
सीसीटीवी फुटेज ने पुलिस को आरोपियों तक पहुंचाया
बच्चे के अपहरण होने की जानकारी जैसे ही मां को मिली वह घबरा गई और और उसने पनकी पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर बच्चे की तलाश शुरू की। सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला गया। पुलिस को ऑटो का नंबर नजर आया। इसके बाद पुलिस ने गाड़ी नंबर के आधार पर बच्चे का अपहरण करने वाले दंपती की तलाश शुरू की।
एडीसीपी वेस्ट कपिल देव सिंह ने बताया कि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज व अन्य कई साक्ष को एकत्र कर बच्चे का अपहरण करने वाले शास्त्री नगर निवासी दंपती गीता सिंह और उसके पति जितेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों को पुलिस को गुमराह किया। दंपति को सीसीटीवी फुटेज दिखाए गए और काफी सख्ती बरती गई तब उन्होंने गुनाह कबूल किया।
बच्चे को वापस पाकर परिजनों में खुशी की लहर
दंपती ने बताया कि सेन पश्चिम पारा के एक दंपती से उन्होंने पांच लाख में बच्चे का सौदा किया था और इसके लिए वह कई बार में उनसे पैसे भी ले चुके थे। पुलिस ने सोमवार को न सिर्फ अपहरण करने वाले दंपती बल्कि पांच लाख में बच्ची को खरीदने वाले दंपती सचिन और उसकी पत्नी गरिमा को पनकी नहर के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बच्चे को सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।