Black Marketing of LPG: दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने LPG सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए दोषियों पर भारी जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने वनिता घोष और कपिल गुप्ता समेत संबंधित फर्म पर कुल करीब 28 लाख रुपये का जुर्माना लगाया और उन्हें कोर्ट उठने तक की सजा सुनाई।
CBI केस में मिली सजा
यह मामला सीबीआई द्वारा दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि आरोपी फर्म ने फर्जी ग्राहकों के नाम पर सिलेंडर दिखाकर उन्हें ऊंची कीमत पर बेचा, जिससे सरकारी कंपनी को नुकसान हुआ।
एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट के तहत कार्रवाई
कोर्ट ने आरोपियों को Essential Commodities Act, 1955 की धारा 3, 7 और 9 के तहत दोषी ठहराया। आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल भी कर लिया, जिसके बाद कोर्ट ने सजा सुनाई।
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कोर्ट ने रखा संतुलित रुख
सजा सुनाते समय कोर्ट ने आरोपियों की उम्र, स्वास्थ्य और लंबे समय से चल रहे ट्रायल को ध्यान में रखते हुए नरम रुख अपनाया। कोर्ट ने कहा कि सजा का उद्देश्य सुधार के साथ-साथ समाज में गलत कामों को रोकने का संदेश देना भी है।
कैसे हुआ खुलासा
मामले का खुलासा 2010 में एक संयुक्त जांच के दौरान हुआ था, जब इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और CBI की टीम ने रिकॉर्ड की जांच की। इसमें फर्जी ग्राहकों के नाम पर सिलेंडर बेचकर कालाबाजारी करने का मामला सामने आया था।