AI Summit: राजधानी दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान हुए प्रदर्शन पर अदालत ने कड़ी टिप्पणी की है। सम्मेलन स्थल पर कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए विरोध को अदालत ने गंभीर मानते हुए इसे सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा बताया। इस मामले में गिरफ्तार चार आरोपियों को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
अदालत की टिप्पणी
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन जैसे मंच पर इस तरह का प्रदर्शन देश की छवि को प्रभावित करता है। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया कि असहमति जताने के लोकतांत्रिक अधिकार का यह तरीका स्वीकार्य नहीं माना जा सकता। अदालत के अनुसार, इस घटना से देश की कूटनीतिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है।
जांच पर जोर
अदालत ने पुलिस को आरोपियों से पूछताछ के लिए पांच दिन की हिरासत की अनुमति दी। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच आवश्यक है, क्योंकि प्रारंभिक जांच में संभावित साजिश और अन्य सहयोगियों की भूमिका की आशंका जताई गई है। अदालत ने माना कि साक्ष्यों से छेड़छाड़ की संभावना को देखते हुए हिरासत जरूरी है।
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गंभीर आरोप
अदालत के आदेश में कहा गया कि उच्च सुरक्षा वाले परिसर में इस तरह प्रवेश कर प्रदर्शन करना गंभीर मामला है। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने नारे लिखी टी-शर्ट पहनकर नारेबाजी की और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के काम में बाधा डाली। पुलिस ने लोक सेवकों को चोट पहुंचाने और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
पांच दिन की पुलिस हिरासत
अदालत ने चारों आरोपियों को 25 फरवरी तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। जांच एजेंसियां डिजिटल साक्ष्य, वित्तीय लेनदेन और संभावित सहयोगियों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।