मेरठ। मेरठ में 100 साल से ज्यादा के बैंड-बाजा और बिगुल कारोबार को पिछले दिनों शानदार सफलता मिली है। यहां से देश-विदेश में सप्लाई होने वाले 'बिगुल' को जीआई टैग मिला है। बैंड इंडस्ट्रीज को पहली बार जीआई टैग मिला है। इसी उपलक्ष्य में मेरठ वाद्य यंत्र निर्माता व विक्रेता व्यापारी वेलफेयर एसोसिएशन ने शनिवार को कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें मुख्य अतिथि डीएम डॉ. वीके सिंह ने 'बिगुल' को जीआई टैग मिलने पर खुशी जताई और शुभकामनाएं दीं।
जली कोठी क्षेत्र के जवाहर मार्केट में आयोजित कार्यक्रम में डीएम डा. वीके सिंह ने अपने संबोधन में प्रशासनिक मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि ये मेरठ के लिए गर्व की बात है कि 'बिगुल' को जीआई टैग मिला है और यह मेरे कार्यकाल उपलब्धि मिली है। कार्यक्रम में जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त दीपेंद्र कुमार ने कहा कि अब आप लोगों की एसोसिएशन यानी मेरठ वाद्य यंत्र निर्माता व विक्रेता एसोसिएशन ही 'बिगुल' बनाने के लिए सर्टिफिकेट देगी और केवल आपकी ही एसोसिएशन 'बिगुल' का जीआई टैग सर्टिफिकेट देने के लिए योग्य है। कार्यक्रम में समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहित चोपड़ा ने ओडीओपी में बैंड एसोसिएशन को सम्मिलित करने का आग्रह डीएम से किया।
महासचिव हाजी रहमतुल्लाह ने बैंड उद्योग के लिए जमीन मुहैया कराने का आग्रह किया। डीएम ने इसके लिए फाइल तैयार करके उनके पास भेजने और इसे पास कराने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में हाजी रहमतुल्लाह, उवैस रहमतुल्लाह, इनामुल्लाह, रमन वढ़ेरा, नरेश वढ़ेरा पंडित जी, रईस चौधरी, गौहर रईस, हसीन चौधरी, सईफुल रहमान, सादिक रशीद, नरेश गुप्ता, हीरा लाल समेत बैंड-बाजा उद्योग से जुड़े बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।.