लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बुधवार को यहां अपने दूसरे कार्यकाल का अंतिम आम बजट पेश किया। इसे अब तक का सबसे बड़ा बजट बताया जा रहा है। साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपना 10वां बजट पेश करने वाले प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री भी बन गये हैं। राज्य के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल 9,12,696 करोड़ रुपये का बजट विधानसभा में पेश किया गया। जो वित्तीय वर्ष 2025-2026 की तुलना में लगभग 12.9 प्रतिशत अधिक है। इस बजट में पूँजीगत परिव्यय 19.5 प्रतिशत है।
इस बजट में प्रदेश के ग्रामीण विकास पर फोकस रखते हुए शहरी इलाकों में बेरोजगारी कम करने, नयी औद्योगिक इकाईयां विकसित करने, चिकित्सा व स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया गया है। अगले साल की शुरुआत में होने वाले राज्य के विधान सभा चुनाव की छाया भी योगी सरकार के इस बजट पर साफ दिख रही है।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने अपना बजट भाषण पढते हुए आगामी वित्तीय वर्ष के लिए किये जाने वाले नये कामों का ब्यौरा देते हुए बताया कि आधुनिक युग की जरूरतों को देखते हुए सरकार अब डेटा मैनेजमेंट पर ध्यान दे रही है। प्रदेश में बड़े स्तर पर डेटा सेंटर बनाए जाएंगे, जिससे आईटी सेक्टर को नई ऊर्जा मिलेगी।
प्रदेश के कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने और किसानों की कमाई बढ़ाने के लिए यूपी में 'एग्री एक्सपोर्ट हब' बनाए जाएंगे। इससे किसानों का अनाज और फल-सब्जियां विदेशों तक आसानी से पहुंच सकेंगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि बजट का एक बड़ा हिस्सा राज्य के युवाओं के भविष्य को समर्पित किया गया है। सरकार का लक्ष्य युवाओं को केवल डिग्री धारक बनाना नहीं, बल्कि उन्हें हुनरमंद बनाना है। युवाओं को बाजार की मांग के अनुसार तैयार करने के लिए विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाए जाएंगे। इससे उन्हें प्राइवेट सेक्टर और उद्योगों में आसानी से नौकरियां मिल सकेंगी।
उत्तर प्रदेश में 43 हजार करोड़ की नई योजनाएं लॉन्च की जाएगी। स्टेट डाटा अथॉरिटी और डाटा सेंटर क्लसस्टर की स्थापना होगी।बाक्स
कनेक्टिविटी में होगा और सुधार
सड़क और सेतु निर्माण के लिए 34468 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। सड़कों के निर्माण और चौड़ीकरण के लिए 3 हजार करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।
नागरिक उड्डयन के लिए 2,111 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने जेवर में बन रहे एयरपोर्ट पर भी अपनी बात रखी। बजट भाषण में उन्होंने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के दूसरे चरण के लिए 750 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। नोएडा एयरपोर्ट पर पांच रनवे बनेंगे।
सड़क और पुल
सड़कों और ब्रिज के निर्माण, चौड़ीकरण और अनुरक्षण के लिए 34,468 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। प्रदेश में नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के डेवलपमेंट के लिए सड़कों के चौड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण/निर्माण के लिए 400 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
प्रदेश में ब्रिज के लिए 4808 करोड़ रुपये और रेल ओवर ब्रिज/अंडर ब्रिज के निर्माण के लिए 1700 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। राज्य/प्रमुख/अन्य जिला सड़कों के चौड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण के लिए 3700 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
राज्य सड़क निधि से सड़कों के अनुरक्षण के लिए 3000 करोड़ रुपये और सड़कों के निर्माण/ चौड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण के लिए 3000 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
शहरवासियों के आवागमन को सुगम बनाने के लिए शहरों के बाईपास और रिंग रोड तथा चौराहों पर फ्लाईओवर आदि के निर्माण के लिए 1500 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
औद्योगिक/लॉजिस्टिक पार्क के लिए सड़क के चौड़ीकरण/ सुदृढ़ीकरण/निर्माण कार्य के लिए 1000 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
नागरिक उड्डयन
नागरिक उड्डयन के लिए 2111 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। जनपद गौतमबुद्ध नगर के जेवर में पीपीपी मोड पर अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के प्रथम चरण का विकास कार्य प्रशस्त है। राज्य सरकार द्वारा जेवर अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट में बनने वाले 2 रनवे की संख्या को बढ़ाकर 5 रनवे बनाए जाने का निर्णय लिया गया है। जेवर अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट की स्थापना के लिए 750 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।