Agniveer Women: दिल में देश सेवा का जज्बा लेकर जोश और उत्साह से लबरेज महिला अभ्यर्थियों ने जब मैदान पर दौड़ लगानी शुरू की तो ऐसा लगा कि कुछ कदमों में ही में ही उन्होंने दुनिया नाप डाली है। अपने सपने को सच करने की तरफ तेजी से कदम बढ़ा दिए। 1600 मीटर की दूरी महज आठ मिनट के अंदर तय करने का टारगेट सेट करके उतरीं तमाम महिला अभ्यर्थियों ने समय रहते यह दूरी पूरी कर ली और सेना में अग्निवीर महिला सैन्य पुलिस बनने की तरफ अग्रसर हुईं।
भर्ती रेस से ही बाहर हो गई
हालांकि, तमाम महिला अभ्यर्थी रेस में बाहर होने के बाद इस बार की भर्ती रेस से ही बाहर हो गईं। कई महिला अभ्यर्थी अधिकारियों से रिक्वेस्ट करती हुई नजर आईं। उनकी उम्मीदों को झटका लगा तो सेना के अधिकारियों ने उन्हें अगली भर्ती रैली में फिर हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया। मौका था लखनऊ छावनी स्थित एएमसी सेंटर और कॉलेज के एएमसी स्टेडियम में रिक्रूटिंग जोन उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड, रिक्रूटिंग ऑफिस (हेडक्वार्टर) लखनऊ के तहत बुधवार को महिला मिलिट्री पुलिस अग्निवीर भर्ती रैली के आयोजन का।
यूपी उत्तराखंड से आईं 1 हजार महिला अभ्यर्थी
इस रैली में वे महिला अभ्यर्थी शामिल हुईं, जिन्होंने जुलाई में आयोजित ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (सीईई) पास किया था। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सभी जिलों से लगभग 1,000 महिला अभ्यर्थी शॉर्टलिस्ट की गईं थीं, जिनमें से 595 महिला अभ्यर्थियों को भर्ती रैली में हिस्सा लेने के लिए बुलाया गया था। इनमें से 410 महिला अभ्यर्थियों ने रैली में हिस्सा लिया।
आठ मिनट में 1.6 किलोमीटर की रेस का था टारगेट
आर्मी चिकित्सा कोर केंद्र एवं कॉलेज के मैदान पर सुबह से ही अग्निवीर महिला सैन्य पुलिस भर्ती में हिस्सा लेने के लिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की महिला अभ्यर्थी पहुंचीं। 400 मीटर के कुल चार राउंड यानी 1.6 किलोमीटर की रेस आठ मिनट के अंदर तय करने का टारगेट दिया गया। मैदान पर अलग-अलग ग्रुप में महिला अभ्यर्थियों ने दौड़ लगाई। दौड़ में क्वालीफाई होने के बाद महिला अभ्यर्थी तीन फीट की हाई जंप लगाने पहुंचीं। यहां पर जो डिसक्वालीफाई हुईं, उनकी उम्मीद टूट गई, लेकिन जो क्वालीफाई हुईं, वह भर्ती रैली के अगले कदम की तरफ बढ़ीं और 10 फीट की लॉन्ग जंप में हिस्सा लिया। हाई जंप और लॉन्ग जंप में हिस्सा लेने वाली महिला युवतियों को क्वालीफाई करने के लिए तीन-तीन मौके दिए गए। जो महिला अभ्यर्थी लॉन्ग जंप और हाई जंप में क्वालीफाई कर गईं, उनके डॉक्यूमेंट चेक किए गए और अब उनका मेडिकल होगा। मेडिकली फिट पाए जाने के बाद मेरिट बनेगी। मेरिट में सफल होने वाली अभ्यर्थी सेना में महिला पुलिस के पद पर तैनात हो जाएंगी।
कई महिला अभ्यर्थी हुईं बेहोश
अग्निवीर महिला सैन्य पुलिस भर्ती में हिस्सा लेने आईं तमाम महिला अभ्यर्थी रेस के दौरान लडखडा कर गिर गईं। उनके हौसले टूटे, लेकिन फिर सपने को पूरा करने की ख्वाहिश जागी और लड़खड़ाते हुए फिर उठकर दौड़ीं और यह जंग जीत ली। हालांकि, कई महिला अभ्यर्थियों की दौड़ के दौरान तबीयत खराब हो गई और बेहोश हो गईं। भर्ती रैली स्थल पर एंबुलेंस की व्यवस्था की गई थी, जिससे कई महिला अभ्यर्थियों को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। हाई जंप और लॉन्ग जंप में भी महिला अभ्यर्थियों को पैर में मोच आई तो मौके पर ही उन्हें चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई गई।
पहली बार टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल
अग्निवीर भर्ती रैली में इस बार तीन नई चीजें की गई हैं, जिससे भर्ती प्रक्रिया पर किसी तरह के कोई सवाल नहीं खड़े हो सकते हैं। अभी तक भर्ती प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड साथ लेकर रेस लगाना होता था, लेकिन अब गेट पर प्रवेश के दौरान ही उन्हें रिस्ट बैंड दिया जा रहा है, जिसमें उनका यूनिक नंबर दर्ज है। इसके साथ ही पहले भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लेने आए अभ्यर्थी जो कपड़े पहन कर आते थे, उन्हीं कपड़ों में रेस लगाते थे, लेकिन इस बार आर्मी की तरफ से उन्हें बाकायदा टी शर्ट दी गई हैं, जिसमें यूनिक नंबरिंग भी की गई है। पहली बार यह भी किया गया है कि स्टॉप वॉच की जगह डिजिटल क्लॉक लगाई गई है, जो सीसीटीवी कैमरों से इंटीग्रेटेड है। 50 से 60 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इससे हो यह रहा है कि अगर किसी अभ्यर्थी को कोई संदेह है कि उसकी टाइमिंग इतनी थी, लेकिन उसे सिलेक्ट नहीं किया गया तो बाकायदा उसे रिकॉर्डिंग दिखाई जा सकती है। कुल मिलाकर आर्मी भर्ती में कोई अभ्यर्थी सवाल नहीं खड़े कर पा रहा है।