लखनऊ। बदायूं जिले के एक निजी नर्सिंग होम में प्रसूता के साथ कथित अमानवीय व्यवहार के कारण नवजात की मौत के मामले को प्रदेश सरकार ने गंभीरता से लिया है। राज्य परिवर्तन आयोग ने पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर तीन दिन के भीतर रिपोर्ट जिलाधिकारी बदायूं से मांगी है। साथ ही इस मामले की जानकारी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी गई है।
आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने सोमवार को डीएम बदायूं को पत्र जारी कर घटना की हर पहलू से जांच कराने के निर्देश दिए। वहीं अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित कुमार घोष ने भी मुख्य चिकित्साधिकारी से अलग से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
बताया जा रहा है कि राधिका नर्सिंग होम में एक कर्मचारी ने प्रसव के दौरान प्रसूता के सीने पर बैठकर दबाव बनाया, जिससे नवजात की मौत हो गई। घटना सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया।
कार्रवाई करते हुए सीएमओ डॉ. मोहन झा ने कादरचौक सीएचसी के प्रभारी डॉ. अवधेश सिंह राठौर का तबादला कर दिया है। साथ ही बिना लाइसेंस चल रहे नर्सिंग होम को सील कर दिया गया है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह नर्सिंग होम अवैध रूप से संचालित हो रहा था।