10 major bills: एक दिसंबर से शुरू होने जा रहे संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार कई अहम विधेयक पेश करने की तैयारी में है। इस बार कुल 12 विधेयक सूचीबद्ध किए गए हैं, जिनमें से 10 नए हैं। इनमें शासन सुधार, बीमा क्षेत्र में बदलाव, दिवाला कानून अपडेट, राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े प्रावधानों में संशोधन, उच्च शिक्षा ढांचे में बड़ा सुधार और परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को निजी निवेश के लिए खोलने जैसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इन बिलों से प्रशासनिक प्रक्रिया तेज होगी, निवेश बढ़ेगा और शिक्षा व बुनियादी ढांचा क्षेत्र आधुनिक हो सकेगा।
परमाणु ऊर्जा व शिक्षा सुधार केंद्र में
सूचीबद्ध विधेयकों में परमाणु ऊर्जा विधेयक 2025 सबसे चर्चित है, क्योंकि इससे परमाणु क्षेत्र में निजी कंपनियों की भागीदारी का रास्ता खुलेगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे टेक्नोलॉजी और निवेश दोनों में तेजी आएगी। इसके साथ ही भारतीय उच्च शिक्षा आयोग विधेयक 2025 भी अहम है, जिसके जरिए उच्च शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार लाने, मौजूदा संस्थाओं के नियमन को सरल बनाने और पढ़ाई के मानकों को वैश्विक स्तर तक उठाने का प्रयास होगा। वहीं बीमा कानून, दिवाला एवं शोधन अक्षमता प्रावधान और प्रतिभूति बाजार संहिता में प्रस्तावित बदलावों का लक्ष्य आर्थिक ढांचे को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।
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चंडीगढ़ प्रशासन बिल पर बढ़ा विवाद
सत्र में सबसे ज्यादा चर्चा संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2025 को लेकर है, जिसके तहत चंडीगढ़ को अनुच्छेद 240 की श्रेणी में लाने का प्रस्ताव है। बदलाव लागू होने पर चंडीगढ़ का प्रशासन उन केंद्रशासित प्रदेशों की तरह चलेगा जिनके पास विधानसभा नहीं है। इस अध्याय के तहत राष्ट्रपति को ऐसे प्रदेशों के लिए सीधे कानून बनाने का अधिकार होता है। कांग्रेस, अकाली दल और पंजाब की कई पार्टियां इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध कर रही हैं। उनका आरोप है कि यह कदम चंडीगढ़ को पंजाब से और अलग करने की कोशिश है। इसी वजह से सत्र में तीखे विरोध और हंगामे की पूरी आशंका जताई जा रही है। सरकार ने सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाई है ताकि विवादित बिलों पर सहमति बनाने की कोशिश की जा सके।