नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण और प्लॉटिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखते हुए बृहस्पतिवार को रोहिल्लापुर गांव में बुल्डोजर चलाया। प्राधिकरण ने करीब 18,000 वर्ग मीटर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया, जहां कुछ कॉलोनाइजर अवैध कॉलोनी बसाने की तैयारी में थे।
प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर परियोजना एवं भूलेख विभाग की टीम ने यह कार्रवाई अंजाम दी। वर्क सर्किल-3 के प्रभारी राजेश कुमार निम के नेतृत्व में प्रबंधक लव शंकर भारती और टीम ने पुलिस व प्राधिकरण सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में लगभग दो घंटे की कार्रवाई में अवैध संरचनाओं को ध्वस्त किया। यह जमीन खसरा संख्या 22 और 33 में स्थित है, जो प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में आती है और हिंडन के डूब क्षेत्र में पड़ती है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने कहा, "अधिसूचित क्षेत्र में बिना अनुमति या बिना नक्शा पास कराए कोई भी निर्माण नहीं किया जा सकता। अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।" उन्होंने जनता से अपील की कि ग्रेटर नोएडा में जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण के भूलेख विभाग से संपर्क कर पूरी जानकारी जरूर लें, ताकि गाढ़ी कमाई अवैध कॉलोनी में न फंसे।
महाप्रबंधक ए के सिंह ने बताया कि डूब क्षेत्र में प्लॉटिंग की शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की गई।
पिछले 15 दिनों में 5 बड़ी कार्रवाइयां
प्राधिकरण ने पिछले 15 दिनों में अतिक्रमण के खिलाफ लगातार अभियान चलाया है। इनमें शामिल हैं:
20 जनवरी: भनौता में 11,340 वर्ग मीटर जमीन मुक्त।
28 जनवरी: हैबतपुर में 6,000 वर्ग मीटर जमीन मुक्त (डूब क्षेत्र)।
4 फरवरी: भनौता में 10,000 वर्ग मीटर जमीन मुक्त।
5 फरवरी: रोहिल्लापुर में 18,000 वर्ग मीटर जमीन मुक्त।
29 जनवरी: खेड़ा चौगानपुर में 8 रिहायशी टावर सील (100+ फ्लैट प्रभावित)।
कुल मिलाकर इन कार्रवाइयों से 45,000 वर्ग मीटर से अधिक जमीन अतिक्रमण मुक्त हुई है। इन अभियानों से कॉलोनाइजरों में हड़कंप मच गया है। प्राधिकरण का कहना है कि हिंडन डूब क्षेत्र में एनजीटी के आदेशों का सख्ती से पालन किया जा रहा है और अवैध निर्माण पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।
प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।