Bulandshahr News : स्याना की चिंगरावठी चौकी के गांव महाब के जंगल में तीन दिसंबर 2018 की सुबह गोवंशों के अवशेष मिले थे. जिसके बाद हिंदूवादी बजरंगदल, विश्व हिन्दू परिषद समेत अन्य संगठन के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने गोवंशों के अवशेष एक ट्रैक्टर ट्रॉली में लादकर चिंगरावठी चौकी पर हंगामा किया था. दोपहर के समय हंगामे ने बलवे का रूप ले लिया. बलवे में तत्कालीन स्याना कोतवाल सुबोध कुमार सिंह व गांव चिंगरावठी निवासी युवक सुमित कुमार की गोली लगने से मौत हो गई थी.
पुलिस ने पांच आरोपी प्रशांत नट, डेविड, राहुल, जॉनी और लोकेंद्र उर्फ मामा को हत्या का आरोपी माना था. जबकि, पूर्व बजरंगदल जिला संयोजक व वर्तमान जिला पंचायत सदस्य योगेश राज, भाजपा बीबीनगर का मंडल अध्यक्ष सचिन अहलावत व ग्राम प्रधान लौंगा सतेंद्र समेत अन्य सभी आरोपियों पर न्यायालय ने जानलेवा हमला, डकैती, आगजनी, बलवा, धमकी देना समेत विभिन्न कुल 14 से अधिक आईपीसी की धाराओं में चार्जशीट दाखिल की थी। साथ ही उसी दौरान सभी आरोपियों पर राजद्रोह भी लगाया गया था.
मामले की सुनवाई के दौरान पांच आरोपी चंद्रपाल, अजय दीवला उर्फ दीवला, कुलदीप, आशीष उर्फ छोटे व ओमेंद्र की मृत्यु हो गई. जबकि, एक आरोपी की पत्रावली बाल न्यायालय में पृथक कर दी गई. जो कि अभी तक विचाराधीन है. गत एक अगस्त को न्यायालय ने स्याना हिंसा कांड में दोषी करार देते हुए सभी 38 दोषियों को जेल भेज दिया था. दोषी प्रशांत नट, डेविड, राहुल, जॉनी और लोकेंद्र को हत्या समेत अन्य धाराओं में आजीवन कारावास व जिला पंचायत सदस्य योगेश राज, भाजपा बीबीनगर मंडल अध्यक्ष सचिन अहलावत समेत अन्य सभी 33 दोषियों को सात-सात वर्ष का कारावास की सजा सुनाई थी। इस मामले में योगेश राज को सजा होने के 29 दिन बाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। जबकि, शेष 32 दोषियों को मंगलवार को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है.