देश दुनिया में नीले ड्रम कांड से चर्चित मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल की फांसी की सजा के खिलाफ दायर याचिका को हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। इस पर सुनवाई के लिए 30 नवंबर की तारीख नियत की है। दोनों ने अपने निजि अधिवक्ताओं के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर कराई थी।
यह था मामला
ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र की इंद्रानगर कालोनी निवासी सौरभ राजपूत ने गौरीपुरा निवासी मुस्कान रस्तोगी से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद कुछ दिनों तक मुस्कान ससुराल में रही और उसके बाद ओमपाल के मकान किराए पर रहने लगे थे। सौरभ लंदन में नौकरी करते थे। मार्च-2025 में वह पत्नी मुस्कान के जन्मदिन पर लंदन से आए थे। इसी दौरान मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर सौरभ की हत्या कर दी और शव को टुकड़ों में काटकर नीले ड्रम में सीमेंट और रेत डालकर जमा दिया था। इसके मुस्कान और साहिल उत्तराखंड और हिमाचल घूमने चले थे। सौरभ के भाई बबलू ने मुस्कान पर भाई सौरभ की हत्या की आशंका जताई थी। 17 मार्च को पुलिस ने मुस्कान और साहिल को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। 18 मार्च को दोनों की निशानदेही पर पुलिस ने नीले ड्रम से सौरभ का शव बरामद किया और मुकदमा दर्ज करने के बाद 19 मार्च को पुलिस ने मुस्कान और साहिल को जेल भेज दिया था।
14 अक्टूबर को दोनों को सुनाई गई थी मुत्युदंड की सजा
ब्रह्मपुरी थाना पुलिस ने दोनों के खिलाफ जिला जज की अदालत में आरोप पत्र दायर किया था। मुकदमे की सुनावई के दौरान डीजीसी केके चौबे ने 23 गवाहों के बयान कोर्ट में दर्ज कराए थे। 30 सितंबर-2026 को जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा द्वितीय ने मुस्कान और साहिल को दोषी करार दिया था और फैसले के लिए 14 अक्टूबर की तिथि नियत की थी। 14 अक्टूबर को जिला जज ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया था और दोनों को मुत्युदंड की सजा सुनाई। सौरभ की मां रेणु और भाई बबलू ने भी दोनों को फांसी की सजा देने की मांग की थी।
डबल बेंच ने सुनवाई के बाद स्वीकार की याचिका
फांसी की सजा के खिलाफ दोनों ने हाईकोर्ट में याचिक दायर करने की मांग जेल प्रशासन से की थी। जेल प्रशासन ने सरकारी वकील मुहैया कराने के लिए मुस्कान और साहिल से पूछा था, लेकिन दोनों ने निजि वकील करने की बात कही थी। कानूनी प्रक्रिया के तहत सजा पर फैसल के खिलाफ 30 दिन के अंदर हाईकोर्ट में अपील करनी होती है। इसके लिए मुस्कान और साहिल की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता सुशील शुक्ला, निधि त्रिवेदी, संदीप कुमार दुबे और अधिवक्ता रविंद्र प्रताप सिंह चंदेल कोर्ट में पेश हुए। वरिष्ठ अधिवक्ता सुशील शुक्ला ने बताया, जस्टिस सलिल कुमार राय और जस्टिस पदम नारायण मिश्रा की डबल बेंच में मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद डबल बेंच ने मुस्कान और साहिल की याचिका को स्वीकार कर लिया, जिस पर 30 नवंबर को बहस होनी है। उन्होंने बताया, 16 नवंबर तक सरकारी अधिवक्ता उन्हें मुकदमे से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराएंगे। इसके बाद बहस की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।