नोएडा। प्रेम-सम्बन्ध टूटने के दर्द में आत्महत्या का कदम उठाने जा रहे एक युवक की जान पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की तत्परता और संवेदनशीलता से बच गई। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के कुशल निर्देशन में थाना जेवर की टीम ने सोशल मीडिया अलर्ट मिलते ही रिकॉर्ड समय में कार्रवाई कर युवक को मौत के मुंह से वापस लाया। पुलिस के अनुसार 12 जून 2026 को जेवर क्षेत्र का 24 वर्षीय एक युवक, जिसका अपनी गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप हो गया था, अधिक मात्रा में नींद की गोलियां खा लीं। उसने इंस्टाग्राम पर “यह आखिरी वीडियो है मेरी, क्या पता फिर रहूँ या नहीं” लिखकर वीडियो पोस्ट कर दिया।रात 12:12 बजे मेटा कंपनी ने मुख्यालय पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश के सोशल मीडिया सेंटर को तुरंत ई-मेल अलर्ट भेजा। अलर्ट मिलते ही सूचना कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की मीडिया सेल को दी गई। इस बारे में पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह को सूचित किया गया। कमिश्नर के तत्काल निर्देश पर थाना जेवर पुलिस को युवक का लोकेशन और विवरण उपलब्ध कराया गया।
मात्र 5 मिनट में पहुंची पुलिस
सूचना मिलते ही थाना जेवर की टीम युवक के घर पहुंच गई। पुलिसकर्मियों ने युवक के पिता को जगाया और पूरे परिवार के साथ कमरे में पहुंचकर युवक को बेसुध अवस्था में बिस्तर पर पड़ा पाया। बिना समय गंवाए परिजनों और पड़ोसियों की मदद से युवक को निकटवर्ती अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसका सफल उपचार किया। युवक की हालत स्थिर होने के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
पूछताछ में युवक ने बताया कि वह मजदूरी का काम करता है। एक युवती से प्रेम हो गया था, लेकिन विवाह का प्रस्ताव अस्वीकार होने के बाद वह गहरे अवसाद में चला गया और आत्मघाती कदम उठा लिया। पुलिस ने युवक को काउंसलिंग दी तथा भविष्य में ऐसा कदम न उठाने का आश्वासन लिया।
परिवार का आभार
युवक के परिजनों ने पुलिस की तेजी से मानवीय कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा, “पुलिस ने हमारे बेटे की जान बचाकर जो किया, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उत्तर प्रदेश पुलिस को धन्यवाद।”
मेटा-उत्तर प्रदेश पुलिस की सराहनीय साझेदारी
यह सफल बचाव वर्ष 2022 से चली आ रही मेटा कंपनी और उत्तर प्रदेश पुलिस के बीच सहयोग का परिणाम है। यदि कोई व्यक्ति फेसबुक या इंस्टाग्राम पर आत्महत्या या आत्मघाती विचारों से संबंधित पोस्ट करता है, तो मेटा कंपनी तुरंत पुलिस को अलर्ट भेजती है, जिससे समय रहते हस्तक्षेप संभव हो पाता है।
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ लोगों की जान बचाना भी पुलिस की जिम्मेदारी है। इस घटना ने पुलिस की संवेदनशीलता और तकनीकी समन्वय की ताकत को एक बार फिर साबित किया है।