Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में बजट 2026-27 पेश कर दिया। यह बजट ऐसे समय में आया है, जब महंगाई और खर्च को लेकर आम लोगों की चिंताएं बनी हुई हैं। बजट के बाद कई जरूरी चीजों के दाम घटे हैं, जिससे लोगों को राहत मिली है, वहीं कुछ वस्तुएं और सेवाएं महंगी भी हो गई हैं। ऐसे में हर किसी के मन में यही सवाल है कि आखिर नया बजट जेब पर क्या असर डालेगा।
मोदी सरकार का 15वां बजट
यह नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का 15वां बजट है और एनडीए सरकार के तीसरे कार्यकाल का दूसरा पूर्ण बजट भी। इसके साथ ही निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार बजट पेश करने वाली देश की पहली महिला वित्त मंत्री बन गई हैं। बजट को दो हिस्सों में पेश किया गया, जिसमें भाग-ए में नीतिगत घोषणाएं और भाग-बी में कर प्रस्ताव शामिल रहे।
इन चीजों पर मिली राहत
बजट 2026 में सरकार ने कुछ सेक्टरों में टैक्स और शुल्क में कटौती की है। इससे दवाइयों, मेडिकल उपकरणों और कुछ रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं के दाम कम होने की उम्मीद है। खासतौर पर हेल्थ और फार्मा सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए ‘बायोफार्मा शक्ति’ योजना की घोषणा की गई है, जिसके तहत अगले पांच साल में 10 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
आज से महंगी हुईं ये चीजें
दूसरी ओर बजट में कुछ उत्पादों पर टैक्स बढ़ाया गया है। इससे लग्जरी सामान, कुछ इलेक्ट्रॉनिक आइटम और आयातित वस्तुएं महंगी हो सकती हैं। इसके अलावा कुछ सेवाओं पर अतिरिक्त शुल्क लगने से आम उपभोक्ता को ज्यादा भुगतान करना पड़ सकता है।
कुल मिलाकर बजट का असर
बजट 2026 में सरकार ने राहत और सख्ती के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है। जहां एक ओर स्वास्थ्य, उद्योग और रोजगार से जुड़े क्षेत्रों को प्रोत्साहन मिला है, वहीं राजस्व बढ़ाने के लिए कुछ वस्तुओं पर बोझ भी डाला गया है। आने वाले दिनों में साफ होगा कि यह बजट आम आदमी और अर्थव्यवस्था के लिए कितना फायदेमंद साबित होता है।