
भारत की महिला क्रिकेट टीम ने वर्ल्ड कप 2025 के सेमीफाइनल में ऐसा कमाल कर दिखाया, जिसकी उम्मीद किसी ने नहीं की थी. डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में टीम इंडिया ने डिफेंडिंग चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को 5 विकेट से हराकर फाइनल में जगह बना ली. ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 338 रन बनाए, लेकिन भारत की शेरनियों ने 9 गेंद बाकी रहते लक्ष्य हासिल कर इतिहास रच दिया. ये महिला वनडे क्रिकेट का अब तक का सबसे बड़ा रनचेज है। ऑस्ट्रेलिया 8 साल बाद किसी वर्ल्ड कप मैच में हारा है और उसे हराने वाली टीम भारत की बेटी बनी.
तिलक वर्मा जैसी सूझबूझ भरी पारी
शेफाली वर्मा के जल्दी आउट होने के बाद जब भारत की पारी डगमगाने लगी थी, तब क्रीज पर जेमिमा रॉड्रिग्स आईं. उन्होंने तिलक वर्मा जैसी सूझबूझ भरी पारी खेलते हुए अकेले दम पर मैच पलट दिया. जेमिमा ने 134 गेंदों पर नाबाद 127 रन ठोके, जिसमें 14 चौके शामिल थे. हर चौका मैदान में गूंज बन गया। उन्होंने कप्तान हरमनप्रीत कौर के साथ तीसरे विकेट के लिए 167 रनों की शतकीय साझेदारी की, जिसने भारत की जीत की नींव रख दी. इसी पारी की बदौलत जेमिमा को “प्लेयर ऑफ द मैच” चुना गया.
कप्तान हरमनप्रीत कौर का शानदार प्रदर्शन
कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने 65 गेंदों में अर्धशतक जड़ा और 89 रनों की तूफानी पारी खेली. ये लगातार तीसरा मौका था जब हरमनप्रीत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नॉकआउट मैच में फिफ्टी लगाई. उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और शांत कप्तानी के दम पर टीम इंडिया ने वर्ल्ड कप की सबसे मजबूत टीम को चित कर दिया. मैदान पर हरमन का आत्मविश्वास और जेमिमा की क्लासिक टाइमिंग ने मिलकर ऑस्ट्रेलिया के हर गेंदबाज को बेअसर कर दिया.
‘भारत माता की जय’ के नारों की गूंज
ऑस्ट्रेलिया की ओर से फोबे लिचफील्ड ने 119, एलिस पेरी ने 77 और एश्ले गार्डनर ने 63 रन बनाए, लेकिन भारत की गेंदबाजों ने आखिर में पूरा खेल पलट दिया. अमनजोत कौर ने लिचफील्ड का विकेट चटकाया, जबकि दीप्ति शर्मा और श्री चरणी ने 2-2 विकेट लेकर कंगारुओं की कमर तोड़ दी. अंत में जब भारत ने जीत का रन बनाया, तो स्टेडियम ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंज उठा. अब 2 नवंबर को वर्ल्ड कप फाइनल में भारत का मुकाबला साउथ अफ्रीका से होगा और पूरी दुनिया की निगाहें इन शेरनियों पर होंगी जिन्होंने कंगारुओं का घमंड तोड़कर इतिहास रच दिया है