बुंदेलखंड में लाला हरदौल की कहानी बच्चे - बच्चे को मुँह जुबानी याद है। लाला हरदौल बुंदेलखंड के राजा जुझार सिंह और उनके छोटे भाई हरदौल के इर्द-गिर्द घूमती है! हरदौल को राजा जुझार सिंह ने जहर दे दिया था जिससे उनकी मौत हो गई थी! हरदौल की बहन कुंजावती से उनका बहुत प्यार था ! राजा जुझार सिंह और लाला हरदौल की एक बहन थी, कुंजावती......लाला हरदौल अपनी बहन कुंजावती से बहुत प्यार करते थे। बुंदेलखंड के ओरछा नगर में भाई-बहन के प्रेम की कहानी प्रसिद्ध है। 17वीं शताब्दी में लाला हरदौल को जहर देकर मार दिया गया था, लेकिन उनकी बहन कुंजावती के बुलाने पर, हरदौल ने अपनी भानजी की शादी में भात दिया था । तब से हर बहन शादी का पहला निमंत्रण हरदौल भैया को देती है।
निवाड़ी!! मध्य प्रदेश का एक ऐतिहासिक शहर है ओरछा, यह अपनी अद्भुत वास्तुकला और समृद्ध इतिहास के लिए जाना जाता है। यह शहर बेतवा नदी के किनारे बसा हुआ है। ओरछा को बुंदेलखंड का अयोध्या भी माना जाता है। यह राम राजा सरकार के भव्य और दिव्य मंदिर के कारण पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। इसके साथ ही यह शहर लाला हरदौल की कहानी के लिए भी मशहूर है। लोग कहते हैं कि हरदौल मरने के बाद भी अपनी बहन की रक्षा के लिए आए थे। इसीलिए बुंदेलखंड में हरदौल को भाई का दर्जा दिया गया है। बहनें उनकी समाधि पर राखी बांधती हैं।
हरदौल लाला की कहानी
17वीं शताब्दी में ओरछा के राजा वीर सिंह देव के दो पुत्र थे जुझार सिंह और हरदौल। जुझार सिंह देव को ओरछा का राजा बनाया गया था, तो हरदौल को राज्य का दीवान बनाया गया । जुझार सिंह को कई बार दुश्मनों से युद्ध के लिए जाना पड़ता था। ऐसे में रियासत का सारा काम लाला हरदौल देखते थे।ओरछा में राजा जुझार सिंह का शासन था। राजा जुझार सिंह की पत्नी अपने देवर हरदौल लला को बेटे के समान मानती थी और पुत्र की भांति ही स्नेह रखती थीं। कुछ लोगों ने राजा जुझार सिंह से झूठ बोला कि रानी और लाला के बीच का रिश्ता अनैतिक बताते हुए राजा के कान भर दिए । राजा जुझार सिंह लोगों की बातों में आ गए और उनका मन हरदौल के लिए भर गया। गुस्से में आकर जुझार सिंह ने अपनी पत्नी को हुक्म दिया कि वो हरदौल को खाने में जहर दे दे। राजा की पत्नी ने राजा को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन राजा रानी की बात से संतुष्ट नहीं हुए। रानी ने पतिव्रत धर्म का पालन करते हुए हरदौल को जहर दे दिया। उन्होंने हरदौल को जहर देने से पहले सारी बात बताई, जो उनके भाई जुझार सिंह ने कही थी। हरदौल ने भाभी की लाज रखने की खातिर हंसते हुए जहर से भरा भोजन किया। किंवदंती है कि लाला हरदौल के मरने के बाद हरदौल से स्नेह रखने वाले उनके घोडे ने भी अपने प्राण त्याग दिए थे। हरदौल की एक बहन थी कुंजावती। कुंजावती, जुझार सिंह से छोटी और हरदौल की बड़ी बहन थी। कुंजावती की शादी दतिया में हुई थी। वो अपने भाई हरदौल से बहुत प्यार करती थी। समय के साथ कुंजावती की बेटी की शादी तय हुई। उन्होंने सोचा कि वो अपने भाई हरदौल को बुलाकर शादी की खुशियां बाटेंगी। पर वे जब ओरछा पहुंची तो देखा कि उनके भाई की मौत हो चुकी है। उन्हें बहुत दुख हुआ। राजा जुझार सिंह ने भी उनकी कोई बात नहीं सुनी। तब वो हरदौल की समाधि पर गईं और रोने लगीं। कुंजावती अपने भाई हरदौल की समाधि पर फूट फूट कर रोने लगी और रोते -रोते कुंजावती ने उस समाधि पर कहा कि अब बेटी की शादी में कौन भात लेकर आयेगा! पौराणिक मान्यताओं के अनुसार कुंजावती की बात सुन उस समाधि से आवाज आई कि जा बहन अपने घर जा.....तेरा भाई तेरे घर भात लेकर आयेगा। ऐसा ही हुआ, मरने के बाद लाला हरदौल ने बहन कुंजावती को भात पहनाया था। तभी से मान्यता है, कि बुंदेलखंड में जब भी किसी के यहां शादी होती है, तो पहला निमंत्रण और पहला भात हरदौल भैया के यहां से ही आता । लोगों का मनना है कि लाला हरदौल आज भी जिंदा है, उनकी समाधि पर जो भी बहन सच्चे मन से जाती है, कलावा बांधती है, हरदौल भैया उसकी हर मनोकामना पूरी करते हैं।
शादी में भात देने पहुंचे हरदौल लाला
समय के साथ कुंजावती की बेटी की शादी का दिन आया। तब लाला हरदौल अपनी भांजी को आशीर्वाद देने के लिए कुंजावती के घर गए। साक्षात लाला हरदौल को वहां देखकर हर कोई हैरान रह गया था। लाला हरदौल ने अपनी भांजी की शादी में भात देकर अपनी बहन से किया हुआ वादा निभाया। तभी से मान्यता है, कि लाला हरदौल आज भी जिंदा है।
भक्तों का लगता है जमघट
उसी समय से वर्तमान तक बुंदेलखंड में लाला हरदौल को लोग देवता मानते हैं। ओरछा में हर साल हज़ारों लोग उनकी समाधि पर आते हैं। लोगों का मानना है कि लाला हरदौल हमेशा अपनी बहनों की रक्षा करते हैं। लाला हरदौल उनकी हर मनोकामना पूरी करते हैं!
लोक मान्यता
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, हरदौल अभी भी जीवित हैं, और उन्हें देवता के रूप में पूजा जाता है! बुंदेलखंड में किसी लड़की का विवाह हो तो पहला भात लाला हरदौल की तरफ़ से ही जाता है!
हरदौल लाला का मंदिर
हरदौल की कहानी भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक है। ओरछा में हरदौल का एक मंदिर (समाधि) तीर्थयात्रियों का केंद्र है और स्थानीय मान्यताओं के अनुसार वे अभी भी जीवित हैं और उन्हें देवता के रूप में पूजा जाता है। हरदौल का मंदिरओरछा के फूलबाग प्रांगण में स्थित है, जहाँ एक कांसे का प्याला भी रखा है, जिसमें हरदौल ने जहर पिया था ! समाधि स्थल पर महिलाएं कलावा बांधकर हरदौल लाला से अपनी मनोकामना पूर्ण करने की प्रार्थना करती हैं।