19 bills Passed: संसद का मानसून सत्र 13 अगस्त को समाप्त होने जा रहा है और अब विधायी कामकाज के लिए सिर्फ एक दिन बचा है। पूरे सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार टकराव और हंगामे का असर सदन की कार्यवाही पर पड़ा। इसके बावजूद केंद्र सरकार कई विधेयकों को पारित कराने में सफल रही। अब सबसे बड़ा सवाल परिसीमन और FCRA संशोधन विधेयक को लेकर है। सरकार इन दोनों महत्वपूर्ण विधेयकों को मौजूदा सत्र में आगे बढ़ाएगी या इन्हें अगले सत्र के लिए टाल देगी, इस पर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।
हंगामे के बीच पास हुए 19 विधेयक
मानसून सत्र का पहला सप्ताह लगभग पूरी तरह हंगामे की भेंट चढ़ गया। इसके बाद सरकार ने दूसरे सप्ताह से विधायी कामकाज पर जोर दिया और लगातार कई विधेयक सदन से पारित कराए। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सत्र में अब तक 19 विधेयक पारित हो चुके हैं। हालांकि इनमें से ज्यादातर विधेयकों पर सदन में विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी। एंटी-पेपर लीक विधेयक उन प्रमुख कानूनों में रहा, जिस पर अपेक्षाकृत ज्यादा चर्चा देखने को मिली।
36 मिनट में सात बिल पास
सरकार के विधायी कामकाज की रफ्तार भी चर्चा का विषय बनी। हंगामे के बीच एक दिन में सात विधेयक महज 36 मिनट के भीतर पारित किए गए। यानी औसतन करीब पांच मिनट में एक विधेयक पास हुआ। कुछ विधेयकों पर सांसदों की ओर से संशोधन प्रस्ताव भी लाए गए, जिसके चलते उन्हें अपेक्षाकृत अधिक समय मिला। विपक्ष ने इस तरह विधेयकों को जल्दबाजी में पारित किए जाने पर सवाल उठाए और पर्याप्त चर्चा की मांग की।
लोकसभा और राज्यसभा में कम हुआ कामकाज
हंगामे के कारण संसद के दोनों सदनों में निर्धारित समय के मुकाबले काफी कम काम हो सका। रोजाना करीब छह घंटे की कार्यवाही के हिसाब से 15 दिनों में लगभग 90 घंटे का काम होना चाहिए था। इसके मुकाबले लोकसभा में केवल करीब 15 घंटे 36 मिनट काम हो पाया। वहीं राज्यसभा में लगभग 24 घंटे 21 मिनट कार्यवाही चली। लगातार नारेबाजी और विरोध के कारण सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।
परिसीमन और FCRA बिल पर अंतिम दिन नजर
अब संसद के पास केवल एक कामकाजी दिन बचा है और ऐसे में परिसीमन तथा FCRA संशोधन विधेयक पर सबकी निगाहें टिकी हैं। परिसीमन को लेकर सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच पहले से चर्चा चल रही है, जबकि FCRA बिल को हाल ही में संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजा गया है। ऐसे में दोनों विधेयकों को लेकर सरकार की अगली रणनीति महत्वपूर्ण होगी। 13 अगस्त को सत्र समाप्त होने के साथ यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि सरकार इन मुद्दों पर मौजूदा सत्र में कोई बड़ा कदम उठाती है या आगे की प्रक्रिया अगले सत्र तक जारी रहती है।