नई दिल्ली। दिल्ली ब्लास्ट मामले की तह तक पहुँचने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 10 सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की है। इस टीम का नेतृत्व एडीजी विजय सखारे करेंगे, जो अपनी ईमानदारी और तेजतर्रार जांच शैली के लिए जाने जाते हैं।
टीम में एक आईजी स्तर का अधिकारी, दो डीआईजी, तीन एसपी और चार डीसीपी शामिल हैं। टीम के सदस्यों को विभिन्न राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों से समन्वय बनाकर जांच तेज करने का निर्देश दिया गया है। यह टीम विस्फोट की साजिश, इस्तेमाल किए गए विस्फोटक और संभावित आतंकी कनेक्शन की गहराई से पड़ताल करेगी। दिल्ली पुलिस के अधिकारी भी इस जांच में एनआईए टीम को सहयोग कर रहे हैं।
एडीजी विजय सखारे कौन हैं?
विजय सखारे केरल कैडर के 1996 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। 2022 में उन्हें एनआईए का आईजी बनाया गया था और हाल ही में सितंबर 2025 में एडीजी पद पर पदोन्नत किया गया। उन्हें पुलिस सेवा में ईमानदार और प्रोफेशनल अफसर के रूप में जाना जाता है। सखारे ने हत्या और संगठित अपराध जैसे हाई-प्रोफाइल मामलों की भी जांच की है।एनआईए में आने से पहले सखारे केरल पुलिस में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) रहे। इसके अलावा उन्होंने कोच्चि सिटी पुलिस कमिश्नर, क्राइम ब्रांच चीफ और ट्रैफिक विभाग के प्रमुख के रूप में भी कार्य किया। उनके कार्यकाल में कई बड़े अपराध मामलों को सख्ती से निपटाया गया।सखारे ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है। वह एक बेहतरीन टेनिस खिलाड़ी भी रहे हैं और क्रिकेट से भी उन्हें खास लगाव है।
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जांच एजेंसियों की बैठकों का दौर जारी
दिल्ली ब्लास्ट की जांच को लेकर एनआईए और इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के बीच लगातार बैठकें हो रही हैं। एजेंसी दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े जैश-ए-मोहम्मद के टेरर मॉड्यूल की जांच के लिए दिल्ली पुलिस, जम्मू-कश्मीर पुलिस, हरियाणा पुलिस और उत्तर प्रदेश एटीएस से केस फाइलें ले रही है। टीम अब धमाके में शामिल संदिग्ध, विस्फोटक स्रोत और फंडिंग नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।विशेषज्ञों का कहना है कि विजय सखारे के नेतृत्व में एनआईए जल्द ही इस धमाके की साजिश के असली गुनहगारों तक पहुँच सकती है।