सुंदर चंदेल/ नई दिल्ली
bihar election results: बिहार की सत्ता किसके हाथ जाएगी इस बड़े सवाल का जवाब जैसे-जैसे सामने आ रहा है, प्रदेश का माहौल चुनावी रोमांच से आग की तरह धधक उठा है. सुबह 8 बजे जैसे ही काउंटिंग शुरू हुई, पहले घंटे में ही यह अंदाज़ा लग गया कि इस बार की लड़ाई सिर्फ सीटों की नहीं बल्कि प्रतिष्ठा, वजूद और राजनीतिक भविष्य की लड़ाई है. और इस लड़ाई में अभी तक जो तस्वीर सामने आई है उसने पूरे देश को चौंका दिया है. रुझानों में NDA ने 140+ सीटों के साथ बहुमत की दीवार पार कर ली है, वहीं महागठबंधन 100 के आसपास अटका नजर आ रहा है
महागठबंधन की उम्मीदों पर पानी
काउंटिंग शुरू होते ही जो सबसे बड़ा धमाका दिखा, वह दिखा तेजस्वी यादव के खेमे में पसरा सन्नाटा. जहां RJD मुख्यालय में सुबह-सुबह बैंड-बाजा बजाने की तैयारी थी, वहां रुझानों ने प्रवेश करते ही जैसे ब्रेक लगा दिया. तेजस्वी भले दावा कर रहे थे कि वे 18 नवंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे, लेकिन जैसी सीटें खुलनी शुरू हुईं, महागठबंधन के चेहरों पर चिंता के बादल घिर आए. राहुल गांधी की चुप्पी, अखिलेश यादव की बेचैनी और RJD नेताओं की गिरती हुई ऊर्जा सब कुछ बता रहा है कि जमीनी आंकड़ों ने महागठबंधन की उम्मीदों को बुरी तरह झकझोर दिया है. तेजस्वी खुद राघोपुर में आगे जरूर हैं, लेकिन उनकी बढ़त का असर पार्टी के अन्य कमजोर प्रदर्शन पर नहीं पड़ पा रहा।
महिला वोटरों का NDA पर भरोसा
कहानी का सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब यह साफ होता गया कि जहां-जहां भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रैली की, वहां महागठबंधन का सफाया हो गया. मोदी के भाषणों ने जिस तरह ग्राउंड लेवल पर मतदाताओं को बांधा, वह नतीजों में साफ नजर आ रहा है. दूसरी ओर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भले आखिरी कुछ सप्ताहों में ज्यादा बयानबाजी न की हो, लेकिन उनका प्रशासनिक रिकॉर्ड, महिला वोटरों का भरोसा और विकास के मुद्दे पर बनी साइलेंट वेव NDA के पक्ष में स्पष्ट दिखाई दे रही है
रुझानों में महागठबंधन की हालत पतली
योगी की रैलियों का असर भी इस चुनाव में तीखे ढंग से दिख रहा है. जिस-जिस सीट पर योगी पहुंचे, जहां उन्होंने मंच से ‘जंगलराज’, ‘माफिया खत्म’ और ‘सुरक्षा की गारंटी’ की बात कही. उस इलाके के रुझानों में महागठबंधन की हालत पतली दिख रही है. कई सीटों पर तो ऐसे नतीजे सामने आ रहे हैं जहां RJD पूरी तरह तीसरे या चौथे स्थान पर खिसक गई है. योगी का नाम और उनकी छवि का असर बिहार की भीड़ पर साफ नजर आया और उनकी चुनावी सभाओं की मारक क्षमता ने महागठबंधन को गहरे झटके दिए हैं.
VIP सीटें इस बार पूरे चुनाव की धड़कन
वहीं VIP सीटें इस बार पूरे चुनाव की धड़कन बन गई हैं. तेजप्रताप यादव महुआ में कभी आगे, कभी पीछे नजर आ रहे हैं। मोकामा में बाहुबली अनंत सिंह की सीट पर लोग टकटकी लगाए हुए हैं. अलीनगर में मैथिली ठाकुर का इम्तिहान अभी भी जारी है. कुम्हरार में KC सिन्हा ने बीजेपी को कड़ी टक्कर देकर दिलचस्प मुकाबला खड़ा किया है. दीघा में सुशांत सिंह राजपूत की बहन को लेकर भी लोगों की नजरें टिक गई हैं क्या भावनात्मक वोट उन्हें सहानुभूति दिला पाएंगे या सीट NDA के खाते में जाएगी? इन सीटों के नतीजे किसी भी वक्त पूरे राज्य के राजनीतिक समीकरण बदलने की क्षमता रखते हैं.
अंतिम लड़ाई काउंटिंग सेंटरों में जारी
अब अंतिम लड़ाई काउंटिंग सेंटरों में जारी है. स्ट्रॉन्ग रूमों पर तीन स्तरीय सुरक्षा, कैमरों की चौकस निगरानी और प्रत्याशियों की धड़कनें तेज पूरा बिहार इस वक्त अपनी सांसें थामे इंतजार कर रहा है. महागठबंधन के नेताओं को भरोसा था कि महिलाओं का वोट उन्हें सत्ता में ला देगा, लेकिन महिला वोटरों ने इस बार नीतीश कुमार पर बड़ा भरोसा जताया है. रुझान बताते हैं कि मोदी–नीतीश की जोड़ी ने फिर कमाल कर दिया है