Ayodhya Ram Mandir Dhwajarohan: अयोध्या में आज इतिहास एक बार फिर जीवंत हो उठा, जब श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजा फहराई गई। अभिजित मुहूर्त में आयोजित इस पावन अनुष्ठान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाथ जोड़कर प्रभु श्रीराम को नमन किया। वैदिक मंत्रोच्चार, भक्तिमय वातावरण और मंत्रमुग्ध करने वाली भव्य सजावट ने पूरे रामनगरी को उत्सव के रंगों में रंग दिया। मंदिर परिसर में मौजूद जनसमूह ने इस दिव्य क्षण का हर्षोल्लास से स्वागत किया।
धर्म ध्वजा स्थापना का शुभ मुहूर्त
अयोध्या में दोपहर 12:10 से 12:30 के बीच अभिजित मुहूर्त में ध्वजारोहण की प्रक्रिया शुरू हुई। मंदिर के 161 फीट ऊंचे शिखर पर 30 फीट लंबा केसरिया ध्वज स्थापित किया गया। इस ध्वज पर ‘ॐ’, सूर्यवंश का प्रतीक और कोविदार वृक्ष का चिन्ह अंकित है, जो आध्यात्मिक ऊर्जा और पराक्रम का प्रतीक माना जाता है। पवित्र क्षण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के माध्यम से ध्वज आरोहित किया। ध्वज फहरते ही वातावरण ‘जय श्रीराम’ के जयकारों से गूंज उठा। पीएम मोदी ने इस पल में हाथ जोड़कर भगवान श्रीराम के चरणों में श्रद्धा अर्पित की, जो भक्तों के लिए अत्यंत भावुक दृश्य बन गया।
रामलला के दर्शन और पूजा-अर्चना
ध्वजारोहण से पहले प्रधानमंत्री ने गर्भगृह में रामलला के दर्शन किए। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने पूजा-अर्चना कर देश की शांति, समृद्धि और कल्याण की कामना की। इस दौरान अनेक गणमान्य लोग भी मौजूद रहे और इस दिव्य अनुष्ठान का हिस्सा बने। अयोध्या शहर को पूरे आयोजन के लिए फूलों, दीप-लताओं और तोरण द्वारों से सजाया गया था। नगर की हर सड़क, हर मोड़ और मंदिर परिसर का हर कोना आध्यात्मिक आभा बिखेर रहा था। भक्तों ने रामनगरी की भव्यता और इस ऐतिहासिक पल को अपनी आंखों और कैमरों में कैद किया।
उत्सव में डूबी रामनगरी
धर्म ध्वजा फहरते ही पूरा शहर उत्सव के रंग में रंग गया। ढोल-नगाड़ों की धुन, शंखनाद और जयघोष से वातावरण दिव्यता से भर उठा। अयोध्या के लोग इस पल को आने वाली पीढ़ियों के लिए ऐतिहासिक बताते हुए गर्व से सराबोर नजर आए। इस दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत, पीएम मोदी, मुख्यमंत्री योगी सहित तमाम गणमान्य व प्रतिष्ठित लोग मौजूद रहे..