वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि अनुदेशकों को 17,000 रुपये का मानदेय, शिक्षामित्रों को 18,000 रुपये का मानदेय इसी महीने से हम लागू करने जा रहे हैं। शनिवार को यहां
स्कूल चलो अभियान के शुभारंभ के लिए आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने यह बातें कहीं।
उन्होंने कहा कि शिक्षक हो, शिक्षा मित्र हो, रसोइया हो या फिर अनुदेशक, इन सभी को हम लोगों ने व्यवस्था की है पांच लाख रुपये की कैशलेस स्वास्थ्य की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए सरकार उसमें योगदान कर रही है। आप कार्य करिए, सरकार आपके साथ में है, और मेरी आप सबसे अनुरोध होगा, पहली से लेकर के 15 अप्रैल तक ये 15 दिन तक स्कूल चलो अभियान के साथ हर शिक्षक को जुड़ना चाहिए।
कोई बच्चा छूटने न पाए। यह संकल्प जब हर शिक्षक का होगा, हर शिक्षा मित्र, हर अनुदेशक का होगा,ये पवित्र कार्य, राष्ट्रीय कार्य है।
योगी ने कहा कि याद रखना ये सौभाग्य सबको प्राप्त नहीं होता है कि देश के भविष्य को गढ़ने का, उसको तराशने का जिम्मेदारी जो ईश्वर ने आपको दी है, उस दायित्व का ईमानदारी पूर्वक निर्वहन करेंगे तो आप लोग का जीवन भी यशस्वी होगा और ये बच्चे जब आगे बढ़ेंगे तो आपको स्मरण करते हुए आपको सदैव सम्मान देंगे।
हम लोग आज भी जिन शिक्षकों ने हमें बचपन में पढ़ाया था, मैं कभी मुझसे मिलते हैं तो मैं आज भी उनका पैर छूता हूं। आज भी मैं पैर छूता हूं। मैं ये नहीं बोलता हूं कि मैं संन्यासी हूं, मैं नहीं छूऊंगा।
मेरे गुरुजन थे, मैं उनका आज भी सम्मान करता हूं। मैं ये नहीं मानता कि वे मुझे बेसिक शिक्षा में पढ़ाए थे। उन्होंने मुझे अक्षर ज्ञान कराया और इसलिए मैं आज भी उनको सम्मान देता हूं।
मैं जब भी जाता हूं, उनको बुलवा करके उनको सम्मान करता हूं, उनका अभिनंदन करता हूं और कभी मेरी मुलाकात होती है तो उनका पूरा आदर भी करता हूं और मुझे लगता है ये संस्कार आपको अपने बच्चों के अंदर भरने पड़ेंगे।