लखनऊ। 'यूपी विधानसभा नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। विधानसभा के सदस्य अपने सवालों को रखने के लिए परेशान रहते हैं। कभी-कभी उत्तेजित भी हो जाते हैं। इस सत्र के दौरान एक ही दिन में 11 बिल पारित हुए हैं। विधायकों को अगले सत्र में सदन में बिल पढ़कर आना होगा। किसी भी विधायक को रैंडम बोलने के लिए कहा जा सकता है। ये बातें सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कही। विधानसभा में प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि मैंने सभी सदस्यों से कहा था कि एक बात को रिपीट न किया जाए, उसे मैं कार्यवाही में शामिल नहीं करूंगा। विधानसभा की कार्यवाही स्थगित करने के बाद कई पूर्व विधायक मेरे पास आए। पुराने सदस्य सदन की कार्यवाही की प्रशंसा कर रहे हैं।
विधायकों को लेकर जाएंगे अयोध्या'
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि 22 जनवरी को अयोध्या राम मंदिर के 2 साल पूरे हो रहे हैं। विधायकों को इस बार अयोध्या ले जाएंगे। अगले विधानसभा सत्र में यह प्रयास करूंगा कि मैं किसी विधायक से कह दूंगा कि इस बिल पर आप बोलिए, चाहे वह हाथ उठाएं या न उठाएं। इससे कम से कम विधायक बिल को पढ़कर सदन में आएंगे। कम से कम उन्हें पता तो रहेगा बिल आखिर किस चीज के लिए है।
इस बार पूरा वंदे मातरम् गाने का सौभाग्य मिला
अध्यक्ष ने आगे कहा कि मैं सभी सदस्यों को सदन की कार्यवाही में भागीदारी कराने के लिए प्रयास करूंगा। वंदे मातरम पर भी इस बार चर्चा हुई। कई विधायकों को टीस रह गई कि उन्हें बोलने का मौका नहीं मिला। उन्होंने कहा कि 1992 में जो वंदे मातरम् गाया गया, वह पूरा नहीं था, लेकिन इस बार की विधानसभा में पूरा वंदे मातरम् गाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
मैंने फ्लोर (सदन के पटल) से पूछा कि मेरा मन है कि वंदे मातरम् के सारे पैराग्राफ गाए जाएं। विपक्षी दल के मुख्य सचेतक कमाल अख्तर से भी पूछा। उन्होंने भी कहा किसी को पूरा करना है तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है। इसके बाद मेरे द्वारा पूरा वंदे मातरम् गीत हाउस में गाया गया, यह इतिहास बन गया।
19 जनवरी को होगी कॉन्फ्रेंस, लोकसभा अध्यक्ष भी रहेंगे विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि 19 जनवरी को लखनऊ में एक बड़ी कॉन्फ्रेंस (सम्मेलन) होगा. इसमें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे। इसका समापन 21 जनवरी को होगा। समापन सत्र में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल उपस्थित रहेंगी।
उन्होंने बताया कि इससे पहले पत्रकारों को भी विधानसभा के नियमों से अवगत कराने के लिए एक कार्यशाला आयोजित करेंगे, जिससे विधानसभा कार्यवाही के करने के दौरान किसी भी तरह की कोई त्रुटि न हो। संसदीय पत्रकारिता पर चर्चा करेंगे।
सदन की 4 दिन की कार्यवाही का रखा ब्यौरा
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि इस बार की विधानसभा की कार्यवाही 4 दिन चली। पहले दिन 19 दिसंबर को 24 मिनट, 22 दिसंबर को 9 घंटे 34 मिनट, 23 दिसंबर को 8 घंटे 3 मिनट और 24 दिसंबर को 6 घंटा 49 मिनट चली। कुल 2776 प्रश्नों में से 2650 प्रश्न ऑनलाइन प्राप्त हुए। कुल याचिकाओं की संख्या 408 रही। कुल ग्रहण याचिकाओं की संख्या 372 रही।
अध्यक्ष ने कहा कि 103 के प्रस्ताव के तहत कुल 6 प्रस्ताव प्राप्त हुए। कुल प्राप्त सूचनाओं की संख्या 293 थी। स्वीकृत सूचनाओं की संख्या 171 और अस्वीकृत सूचनाओं की संख्या 122 रही। नियम 300 के तहत कुल 14 सूचनाएं प्राप्त हुईं। इनमें 12 सूचनाएं अस्वीकार की गईं। 2 सूचनाएं स्वीकार हुईं। नियम 311 के अंतर्गत एक भी सूचना प्राप्त नहीं हुई। विधानसभा के शीतकालीन सत्र की कार्यवाही 19 दिसंबर से 24 दिसंबर तक चली थी।