दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव की मतगणना अभी जारी है और हर राउंड के साथ मुकाबला और दिलचस्प होता जा रहा है। शुरुआती रुझानों में अलग तस्वीर दिखाई दे रही थी, लेकिन 17वें राउंड तक पहुंचते-पहुंचते कई पदों पर स्थिति बदल गई है। नॉर्थ कैंपस स्थित यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स स्टेडियम के मल्टीपर्पज हॉल में वोटों की गिनती चल रही है, जहां उम्मीदवारों और समर्थकों की नजर हर नए राउंड पर टिकी हुई है।
अध्यक्ष पद पर एबीवीपी ने बनाई बढ़त
अध्यक्ष पद की लड़ाई सबसे ज्यादा चर्चा में है। 17वें राउंड के बाद एबीवीपी के यश डबास 20,151 वोटों के साथ आगे चल रहे हैं। वहीं एनएसयूआई के विजय शंकर मीणा को 19,651 वोट मिले हैं। इस तरह यश डबास ने 500 वोटों की बढ़त हासिल कर ली है। कुछ समय पहले तक मुकाबला बेहद करीबी था, लेकिन अब एबीवीपी उम्मीदवार ने बढ़त बना ली है।
उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार का दबदबा
उपाध्यक्ष पद पर सबसे बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन 26,341 वोट लेकर सबसे आगे हैं। एबीवीपी के ईशु मौर्य को 13,655 वोट मिले हैं, जबकि एनएसयूआई के वीर छत्र राठौर 3,698 वोटों पर हैं। दीपांशु शौकीन की बढ़त 12,686 वोटों तक पहुंच गई है, जिससे उनकी स्थिति काफी मजबूत मानी जा रही है।
सचिव पद पर रिया छावड़ी मजबूत स्थिति में
सचिव पद पर भी एबीवीपी को बढ़त मिली हुई है। रिया छावड़ी 17,279 वोटों के साथ आगे चल रही हैं। एनएसयूआई की नम्रता चौधरी को 12,838 वोट मिले हैं। दोनों उम्मीदवारों के बीच 4,441 वोटों का अंतर है। अब आगे के राउंड में यह अंतर बढ़ता है या घटता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
संयुक्त सचिव पद पर कांटे की टक्कर
संयुक्त सचिव पद का मुकाबला सबसे रोमांचक बना हुआ है। समाजवादी पार्टी की छात्र सभा के उम्मीदवार विशेष यादव 13,346 वोटों के साथ सबसे आगे हैं। एबीवीपी के लक्ष्य राज सिंह 13,342 वोट लेकर सिर्फ 4 वोट पीछे हैं। वहीं एनएसयूआई के गोपाल चौधरी 13,293 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर हैं और शीर्ष उम्मीदवार से केवल 53 वोट पीछे हैं। इस पद पर अगला राउंड कभी भी तस्वीर बदल सकता है।
सुरक्षा के बीच जारी है मतगणना
मतगणना को देखते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार 2,000 से ज्यादा पुलिस और पैरामिलिट्री जवान तैनात हैं। मतगणना केंद्र के आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई है और कई प्रमुख मार्गों पर प्रतिबंध भी लगाए गए हैं। अब सभी की नजर आने वाले राउंड पर है, क्योंकि अंतिम नतीजों से पहले डूसू चुनाव में अभी और बड़े उलटफेर देखने को मिल सकते हैं।