
नगर कोतवाली पुलिस ने बहन पर जानलेवा हमला और भांजे की हत्या करने के आरोपी दोनों मामा पुलिस अभिरक्षा में ले लिए हैं। दरअसल दोनों के नाबालिग होने के कारण पुलिस ने उन्हें बाल अपचारी के रूप में अभी रक्षा में लेकर थाने पर नियुक्त बाल श्रम अधिकारी के सुपुर्द किया है। दोनों ने बताया कि उनकी बहन ने उनकी मर्जी के बिना उनके तहरे भाई से प्रेम विवाह कर लिया था जिस कारण लोगों के ताने दिए जाने से वह नाराज थे, सामाजिक प्रतिष्ठा के कारण दोनों भाईयों ने 11 माह बच्चे (भांजे) की हत्या कर अपनी बहन को किया था मारने का प्रयास किया था।
महिला के 11 माह के बच्चे की हत्या कर दी गई
पुलिस अधीक्षक नगर सत्यनारायण प्रजापत ने पत्रकारवार्ता में जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार 16 सितंबर को कोतवाली नगर क्षेत्र के अंतर्गत शामली बस स्टैण्ड के पास किराये के मकान में निवास करने वाली 01 महिला पर उसके नाबालिग भाईयों द्वारा जान से मारने की नीयत से हमला किया गया तथा महिला के 11 माह के बच्चे की हत्या कर दी गई। इस घटना के खुलासे को एव॔ घटना करने वाले अभियुक्तगण की गिरफ्तारी हेतु एसएसपी की ओर से टीम गठित की गई थी। गठित टीम की ओर से बुधवार 17 सितंबर को उक्त घटना को अंजाम देने वाले दोनों भाइयों को हिरासत में लिया तो पता चला कि वह नाबालिग है।
इसके बाद पुलिस ने सभी औपचारिकताएं पूरी कर दोनों बाल अपचारियों को शामली स्टैंड के पास से पुलिस अभिरक्षा में लिया गया तथा थाने पर नियुक्त बाल कल्याण अधिकारी के सुपुर्द किया। पूछताछ में दोनों बाल अपचारियों की ओर से बताया गया कि हमारी बहन ने हमारे तहेरे भाई विजय पुत्र बाबू के साथ हमारी बिना मर्जी के भागकर शादी कर ली थी। हमने अपनी बहन को काफी समझाया था लेकिन वह नही मानी। गांव के लोग हमें ताना मारते थे। हम अपनी बहन छोटी के कारण काफी बेइज्जत हुए तभी से हम दोनो भाई अपनी बहन की हत्या करने की योजना बना रहे थे। हमारी बहन हमसे छुपकर रहने लगी।
11 माह के साथ किराये के मकान में रह रही
इसी दौरान हमारी बहन को एक लडका पैदा हो गया और हमे पता लगा की वह अपने पति विजय के साथ किराये के मकान में मौहल्ला प्रेमपुरी मुजफ्फरनगर में रह रही है। हम दोनो भाई अपनी बहन छोटी के पास करीब 4-5 दिन पहले मौहल्ला प्रेमपुरी स्थित मकान पर आये तो पता लगा की छोटी का पति विजय बागपत जेल में बन्द है और छोटी अपने पुत्र अभिषेक उम्र करीब 11 माह के साथ किराये के मकान में रह रही है।
हम दोनो भाई अपनी बहन के साथ चार-पांच दिन रहे जब उसे हम पर पूर्ण विश्वास हो गया तो 15 व 16 सितंबर 25 की मध्यरात्रि में करीब 02.00 बजे दोनो भाइयों ने अपनी बहन की हत्या करने का प्रयास किया। इस दौरान उनकी मारपीट व झगड़ा हो गया। वह अपने बच्चे को लेकर भागने लगी तथा बच्चा रोने लगा। इस पर दोनों भाइयों ने बच्चे को छीन लिया तथा बच्चे का हाथ से गला व मुंह भीच दिया। इससे वह बेहोश हो गए। दोनों समझे कि दोनों मृत्यु हो गई है। उसके बाद उन्होंने बेल्ट से फंदा बनाकर अपनी बहन का गला घोट दिया, इस कारण वह बेहोश गई। इतनी देर में ही शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग आ गये। दोनों अपनी बहन को मरा समझकर उसे वहीं छोडकर तथा आसपास के लोगों को चाकू दिखाकर भाग गये। वह मोहल्ले में ही छिपे रहे और बुधवार को बाहर भागने की फिराक में शामली स्टंड बस अड्डे पर खडे थे कि पुलिस हमें पकड लिया।