लखनऊ। केंद्र सरकार का आम बजट, जो रविवार को संसद में पेश किया जाएगा, उत्तर प्रदेश के लिए विकास की नई उम्मीदें लेकर आ रहा है। विशेषज्ञों और आर्थिक विश्लेषकों के अनुमान के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्तर प्रदेश को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी, केंद्र सहायतित योजनाओं और अन्य मदों से कुल मिलाकर लगभग 4.30 लाख करोड़ रुपये प्राप्त होने की संभावना है। यह राशि राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और रोजगार सृजन जैसे क्षेत्रों में तेजी लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
नए बजट में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद
वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्तर प्रदेश को केंद्रीय करों और योजनाओं से कुल लगभग 3.92 लाख करोड़ रुपये मिलने का प्रावधान है। इसमें केंद्रीय करों और शुल्कों में राज्य की हिस्सेदारी के रूप से करीब 2.55 लाख करोड़ रुपये शामिल हैं। नए बजट में इस राशि में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है, जो पिछले वर्षों की तुलना में राज्य को अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराएगी। यह बढ़ोतरी उत्तर प्रदेश की जनसंख्या, आर्थिक योगदान और विकास आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए की गई है, जिससे राज्य केंद्र से प्राप्त होने वाली कुल राशि में सबसे आगे बना हुआ है।
राज्य को 30 लाख करोड़ के लक्ष्य की ओर ले जाएगा बजट
यह खबर उत्तर प्रदेश के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि राज्य की जीडीपी तेजी से बढ़ रही है। वित्तीय वर्ष 2025 में यूपी की जीडीपी 27.51 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, और यह बजट सहायता राज्य को 30 लाख करोड़ के लक्ष्य की ओर तेजी से ले जाएगी। योगी आदित्यनाथ सरकार के नेतृत्व में पिछले वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं जैसे एक्सप्रेसवे, मेट्रो, औद्योगिक कॉरिडोर और निवेश सम्मेलनों से राज्य में निवेश का माहौल बना है। केंद्र से मिलने वाली यह अतिरिक्त धनराशि इन परियोजनाओं को और गति देगी।
बजट से योजनाओं को मिलेगी मजबूती
उत्तर प्रदेश में केंद्र सहायतित योजनाओं के तहत पीएम किसान, आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना और शिक्षा-स्वास्थ्य से जुड़ी स्कीमों को मजबूती मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें, बिजली, पानी और डिजिटल कनेक्टिविटी पर फोकस बढ़ेगा। साथ ही, युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप और एमएसएमई सेक्टर में नए अवसर पैदा होंगे।
4 लाख करोड़ से अधिक मिले थे पिछली बार
विशेषज्ञों का मानना है कि यह राशि राज्य की राजस्व प्राप्तियों का बड़ा हिस्सा बनेगी, जो अपने संसाधनों से पूर्ति करने में राज्य को मदद करेगी और कर्ज के बोझ को नियंत्रित रखने में सहायक साबित होगी। पिछले बजट में भी यूपी को 4 लाख करोड़ से अधिक मिले थे, और इस बार की उम्मीद उससे भी बेहतर है।कुल मिलाकर, यह बजट उत्तर प्रदेश के लिए 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा। राज्य सरकार अब केंद्र की घोषणाओं पर नजर टिकाए हुए है, ताकि इन संसाधनों का अधिकतम सदुपयोग कर जनता तक विकास की लाभ पहुंचाया जा सके।