F-16 दुनिया का सबसे अधिक एक्सपोर्ट होने वाला लड़ाकू विमान है। अमेरिका 29+ देशों को 3200+ F-16 बेच चुका है। विमान मध्य-पूर्व इजरायल, मिस्र, बहरीन, इराक, जॉर्डन, ओमान, UAE एशिया-प्रशांत पाकिस्तान, दक्षिण कोरिया, ताइवान, सिंगापुर, इंडोनेशिया, थाईलैंड, फिलीपींस यूरोप तुर्किए, पोलैंड, बेल्जियम, ग्रीस, नीदरलैंड, डेनमार्क अमेरिका महाद्वीप अर्जेंटीना, चिलीपाकिस्तान के पास 75+ F-16 हैं। 2019 बालाकोट के बाद भी पाकिस्तान ने इन्हें भारत के खिलाफ इस्तेमाल किया था।
भारत ने F-16 की डील क्यों नहीं की? 5 मुख्य कारण
शीत युद्ध का अविश्वास: 1960-70 में अमेरिका ने पाकिस्तान को F-86 Sabre, F-104 Starfighter और फिर F-16 दिए। पाकिस्तान ने 1965, 1971, 1999 की जंगों में ये जेट भारत के खिलाफ उड़ाए। इस वजह से भारत ने अमेरिका से दूरी बनाई और सोवियत संघ/रूस की तरफ गया।
रूस से मजबूत रक्षा साझेदारी
भारत ने MiG-21, MiG-23, MiG-29, Su-30MKI रूस से खरीदे। आज भी IAF की रीढ़ Su-30MKI है। साथ में फ्रांस से Mirage 2000, Jaguar, Rafale लिए।
अमेरिकी शर्तें और प्रतिबंध का डर
अमेरिका एंड-यूज मॉनिटरिंग करता है- यानी तय करता है जेट कहां इस्तेमाल होगा। 1998 परमाणु परीक्षण के बाद अमेरिका ने भारत पर प्रतिबंध लगा दिए थे।भारत को डर था कि युद्ध में अमेरिका स्पेयर पार्ट्स रोक देगा।
रणनीतिक स्वायत्तता
भारत एक देश पर निर्भर नहीं रहना चाहता। इसलिए रूस, फ्रांस, इजरायल से खरीद + मेक इन इंडिया। तेजस जैसे स्वदेशी जेट बना रहा है।
पाकिस्तान फैक्टर
लॉकहीड मार्टिन ने भारत में F-16 प्रोडक्शन लाइन का ऑफर दिया था। लेकिन भारत पाकिस्तान को F-16 के कलपुर्जे सप्लाई नहीं करना चाहता।
क्या भारत को कभी ऑफर हुआ?
पिछले 20 साल में F-16, F-15E, F/A-18, F-35 सभी ऑफर हुए। हर बार भारत ने मना किया।
ताजा अपडेट- F-16 की साख को झटका
2026 में रूस के Su-35 ने R-37M लंबी दूरी की मिसाइल से यूक्रेन का F-16 मार गिराया। ये पहली बार है जब युद्ध में F-16 इस तरह गिरा है। इसके बाद F-16 की क्षमता पर सवाल उठ रहे हैं। अमेरिका ने F-16 पूरी दुनिया को बेचा, पर भारत ने पाकिस्तान को जेट देने के पुराने अविश्वास, अमेरिकी शर्तों और रूस से रिश्ते की वजह से नहीं लिया।