Bulandshahr News : इसे पुलिस की संवेदनहीनता ही कहा जाए तो गलत न होगा. एक परिवार की नाबालिग बेटी को घर से बाहर अगवा कर गैंगरेप कर हत्या कर दी गई. केस की पैरवी के दौरान पीड़ित परिवार को धमकियां मिली तो पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई गई। कुछ माह पहले अचानक ही पीड़ित परिवार की सुरक्षा हटा ली गई। दहशतजदा परिवार ने बुलंदशहर से मकान बेचकर पलायन कर दिया। वर्तमान में पीड़ित परिवार गैर जनपद में छिपकर रहते हुए गुजर-बसर कर रहा है। पीड़ित परिजनों ने कोई अनहोनी पर बुलंदशहर पुलिस-प्रशासन के जिम्मेदार होने की बात कहते हुए सुरक्षा बहाल किए जाने की मांग की है.
प्रदेश के मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक समेत अन्य अधिकारियों को भेजे शिकायती पत्र में चांदपुर क्षेत्र निवासी पीड़िता महिला ने बताया है कि वर्ष 2018 में उनकी नाबालिग पुत्री को अगवा कर दरिंदगी की घटना हुई थी। यह मामला नगर कोतवाली में दर्ज कराया गया था। शासन के निर्देश पर उनके परिवार को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई गई थी। जिला न्यायालय द्वारा तीनों अभियुक्तों को फांसी की सजा सुनाई गई थी। वर्तमान में यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। आरोप है कि बीते दिनों जिला पुलिस द्वारा पीड़ित परिवार की सुरक्षा हटा दी गई है। इसको लेकर पीड़ित पक्ष ने एसएसपी और एलआईयू में भी प्रार्थना पत्र देकर सुरक्षा प्रदान करने की अपील की गई, किंतु कोई सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में दहशत के चलते पीड़ित परिवार को मकान बेचकर पलायन करने पर मजबूर होना पड़ा है। पीड़ित परिवार गैर जिले में छिपकर कामकाज करते हुए जीवन-यापन कर रहा है। पीड़िता ने कहा है कि यह मामला दो समुदायों से जुड़ा हुआ है। अगर उनके परिवार के साथ कोई घटना होती है तो उसका जिम्मेदार बुलंदशहर पुलिस-प्रशासन को माना जाए.
यह था मामला
2 जनवरी 2018 को बुलंदशहर नगर कोतवाली क्षेत्र में चांदपुर रोड पर हाईवे किनारे घर के बाहर से 16वर्षीय छात्रा को टयूशन से लौटने के दौरान कार सवार तीन युवकों ने अगवा कर लिया। नाबालिग छात्रा से चलती कार में गैंगरेप किया गया और फिर उसकी गला दबाकर हत्या कर शव को दादरी क्षेत्र स्थित एक नहर में फेंक दिया गया। 4 जनवरी 2018 को नाबालिग छात्रा का शव बरामद हुआ था। तत्कालीन एसएसपी मुनिराज के नेतृत्व में कई पुलिस टीमों ने अथक प्रयास कर घटना का खुलासा करते हुए गैर समुदाय के तीन आरोपी जुल्फिकार, इजराइल उर्फ मालानी, दिलशाद को गिरफ्तार किया था.
पीड़ित परिवार को धमकियां मिलने पर मिली सुरक्षा
छात्रा से गैंगरेप-हत्या के मामले में तीन अभियुक्तों के पकड़े जाने के कुछ माह बाद ही पीड़ित परिवार को फैसले के लिए धमकियां मिलने लगीं। इस पर पीड़ित परिवार को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई गई थी.
कोर्ट ने तीनों अभियुक्तों को सुनाई फांसी की सजा
24 मार्च 2021 को बुलंदशहर में पॉक्सो न्यायालय ने तीनों अभियुक्तों को दोषी करार दिया था. तीनों अभियुक्त जुल्फिकार, इजराइल उर्फ मालानी एवं दिलशाद को फांसी और अर्थदंड की सजा सुनाई गई थी। कोर्ट ने इस मामले में सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि यह सामान्य घटना नहीं है. अगर पढ़ाई के लिए घर से बाहर निकलने वाली बेटियों की हिफाजत नहीं कि गई तो सरकार द्वारा चलाये जा रहे अभियान बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान का कोई मायने नहीं रह जायेगा.
हाईकोर्ट से उम्रकैद में बदल गई सजा
हाईकोर्ट में अभियुक्त पक्ष द्वारा अपील की गई। हाईकोर्ट ने तीनों अभियुक्तों की सजा को फांसी की बजाय उम्रकैद में तब्दील कर दिया। इस फैसले के खिलाफ पीड़ित पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। वर्तमान में यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है.