देशभर के ज्यादातर सिनेमा हॉल में कपल्स अक्सर कॉर्नर सीट बुक करना पसंद करते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह थोड़ी प्राइवेसी मानी जाती है। थिएटर के किनारे वाली सीटों पर लोग कम नजर में आते हैं, इसलिए कई कपल्स इन्हें ज्यादा आरामदायक मानते हैं। लेकिन सोशल मीडिया के दौर में अब कॉर्नर सीट्स को लेकर मजाक और मीम्स भी तेजी से वायरल होते रहते हैं।
प्राइवेसी की आड़ में भूलकर भी न करें ये काम
कई लोग यह मान लेते हैं कि थिएटर के अंधेरे माहौल में कोई उन्हें देख नहीं रहा, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। अगर कोई कपल सिनेमा हॉल के अंदर आपत्तिजनक हरकत करता है या ऐसा व्यवहार करता है जिससे दूसरे दर्शक असहज महसूस करें, तो उनके खिलाफ शिकायत दर्ज हो सकती है। सिनेमा हॉल एक सार्वजनिक जगह मानी जाती है और वहां सभी लोगों के लिए मर्यादा बनाए रखना जरूरी होता है।
क्या कहता है भारतीय कानून?
भारतीय न्याय संहिता की धारा 294 के तहत सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील हरकत करना या दूसरों को परेशान करने वाला व्यवहार करना दंडनीय माना गया है। अगर थिएटर में मौजूद किसी व्यक्ति ने शिकायत कर दी, तो मामले में कार्रवाई भी हो सकती है। ऐसे मामलों में थिएटर प्रबंधन पुलिस को सूचना देने का अधिकार रखता है। इसलिए प्राइवेसी के नाम पर किसी भी तरह की गलत हरकत भारी पड़ सकती है।
ये भी पढ़ें : चारधाम यात्रा हुई महंगी! Petrol-Diesel से लेकर होटल-टैक्सी तक के बढ़े दाम, श्रद्धालुओं की जेब पर डबल मार
हर थिएटर में हो रही निगरानी
आजकल ज्यादातर मल्टीप्लेक्स और बड़े सिनेमाघरों में एचडी और नाइट विजन सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। सुरक्षा कारणों से थिएटर के अंदर लगातार निगरानी रखी जाती है। यानी अगर कोई यह सोच रहा है कि अंधेरे में उसकी गतिविधियां नजर नहीं आएंगी, तो वह गलतफहमी में है। थिएटर स्टाफ कई बार स्क्रीनिंग के दौरान भी नजर बनाए रखता है।
दूसरे दर्शकों की शिकायत पड़ सकती है भारी
अगर किसी कपल की हरकतों से आसपास बैठे लोग असहज महसूस करते हैं, तो वे सीधे थिएटर स्टाफ से शिकायत कर सकते हैं। कई मामलों में लोगों को बीच फिल्म से बाहर भी निकाला गया है। इसलिए थिएटर में फिल्म देखने जाएं तो दूसरों की सुविधा और माहौल का भी ध्यान रखना जरूरी है।
मूवी एंजॉय करें, नियमों का भी रखें ध्यान
सिनेमा हॉल मनोरंजन की जगह है, लेकिन वहां सार्वजनिक मर्यादा का पालन करना भी जरूरी है। कॉर्नर सीट लेना गलत नहीं है, लेकिन नियमों और दूसरों की सुविधा को नजरअंदाज करना परेशानी खड़ी कर सकता है। इसलिए थिएटर में फिल्म का आनंद लें, लेकिन ऐसी किसी हरकत से बचें जिससे बाद में शर्मिंदगी या कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़े।