विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि भारत, ईरान में तेजी से बदलते हालात पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। देश में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और भलाई के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जयसवाल ने नई दिल्ली में साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में ईरान में करीब 9,000 भारतीय नागरिक रहते हैं। इनमें छात्र, व्यवसायिक लोग, पेशेवर, तीर्थयात्री और नाविक शामिल हैं।
ईरान की यात्रा न करने का अनुरोध
उन्होंने कहा कि हालात को देखते हुए, हमने कुछ सलाहें जारी की हैं। सभी भारतीय नागरिकों से ईरान की यात्रा न करने का अनुरोध किया गया है। भारतीय पहले से ईरान में हैं, उन्हें उपलब्ध साधनों से, जिनमें वाणिज्यिक उड़ानें शामिल हैं, देश छोड़ने की सलाह दी गई है। हम स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं और अपने नागरिकों की भलाई के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे।
शासन संबंधी बड़े बदलावों की मांग
ईरान में विरोध प्रदर्शन प्रारंभ में गंभीर आर्थिक परिस्थितियों, जैसे कि रिकॉर्ड स्तर की मुद्रास्फीति और मुद्रा पतन, के कारण शुरू हुए और अब पूरे देश में फैल गए हैं। प्रदर्शनकारी राजनीतिक और शासन संबंधी बड़े बदलावों की मांग कर रहे हैं।
5 जनवरी को भारत ने अपने नागरिकों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी थी और ईरान में रहने वाले भारतीयों से कहा गया था कि यदि उन्होंने अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, तो भारतीय दूतावास में पंजीकरण कराएं।
अमेरिका के साथ संपर्क में हैं
चाबहार पोर्ट परियोजना से भारत के बाहर होने की खबरों के सवाल पर जयसवाल ने कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, 28 अक्टूबर 2025 को अमेरिकी खजाना विभाग ने एक पत्र जारी किया था जिसमें चाबहार पोर्ट के लिए शर्तीय प्रतिबंध छूट की गाइडलाइन दी गई थी, जो 26 अप्रैल 2026 तक मान्य है। हम इस व्यवस्था को अंतिम रूप देने के लिए अमेरिका के साथ संपर्क में हैं।”