
Noida News: उत्तर भारत में मानसून की तेज रफ्तार ने एक बार फिर यमुना और हिण्डन नदी को उफान पर ला दिया है। हथिनीकुंड बैराज से छोड़े जा रहे लाखों क्यूसेक पानी के कारण नोएडा-ग्रेटर नोएडा में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है, खासकर नोएडा और गाजियाबाद के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा ज्यादा बढ़ गया है। नोएडा के सेक्टर 135 जैसे इलाकों में पहले से ही पानी भर गया है।
2023 जैसी भयावह बाढ़ की आशंका
जब 2023 में यमुना का जलस्तर रिकॉर्ड 208.66 मीटर तक पहुंचा था और पूरे क्षेत्र में तबाही मचाई थी, इस बार तब की यादें ताजा हो गई हैं। क्या इस बार भी इतनी ही या इससे ज्यादा भयावह स्थिति बन सकती है? विशेषज्ञों के अनुसार, अगर ऊपरी क्षेत्रों में बारिश जारी रही और बैराज से पानी का डिस्चार्ज बढ़ा, तो 2023 का रिकॉर्ड टूटने का खतरा है। हालांकि, वर्तमान में जलस्तर 205.80 मीटर पर है, जो खतरे के निशान (205.33 मीटर) से ऊपर लेकिन रिकॉर्ड से काफी नीचे है। प्रशासन अलर्ट पर है।
यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा
पुराने रेलवे ब्रिज (ओल्ड रेलवे ब्रिज) पर सुबह 8 बजे तक 205.80 मीटर दर्ज किया गया। सेंट्रल वॉटर कमीशन (CWC) के अनुसार, यह खतरे के निशान को पार कर चुका है और शाम तक 206.41 मीटर तक पहुंच सकता है, जो निकासी स्तर है। IMD ने 2-4 सितंबर तक मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी दी है, जो स्थिति को और बिगाड़ सकती है।
हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़ा गया
आज सुबह 9 बजे 3,29,313 क्यूसेक (लगभग 3 लाख क्यूसेक) पानी रिलीज हुआ, जो इस सीजन का उच्चतम है। यह पानी दिल्ली पहुंचने में 48-50 घंटे लेता है, इसलिए आज रात से प्रभाव बढ़ेगा। वजीराबाद बैराज से 38,900 क्यूसेक और ओखला से 73,619 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
नोएडा-गाजियाबाद में हिंडन का असर
यमुना के साथ हिंडन नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है। नोएडा के सेक्टर 135, 124-135 के खादर क्षेत्रों में 1.5-2 फीट पानी भर गया है। इसमे धान की फसलें डूब गईं है। हिंडन का पानी यमुना से जुड़कर बाढ़ को और गंभीर बना रहा है। नोएडा अथॉरिटी ने 800 गायों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया, लेकिन डूबे क्षेत्र की अवैध बस्तियों पर खतरा।