लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव साल 2027 में होगा। उससे पहले साल 2026 में भी चुनाव को लेकर बीजेपी, सपा, कांग्रेस और बसपा मजबूत तैयारी करेंगी। बीजेपी और सपा तेजी ला चुकी हैं। इसमें 10 राज्यसभा, छह एमएलसी और दो एमएलए सीट के लिए उपचुनाव होगा। इसके साथ ही पंचायत चुनाव भी होगा।
विधानसभा चुनाव का होंगे रिहर्सल
कुल मिलाकर ये सारे चुनाव उत्तर प्रदेश विधानसभा का एक रिहर्सल भी हैं। उत्तर प्रदेश की सियासत के इस सेमीफाइनल में जीत विधानसभा चुनाव फाइनल की ओर एक बड़ा कदम होगी। उत्तर प्रदेश में 2026 राजनीतिक दलों के लिए काफी व्यस्त और चुनौतीपूर्ण साल साबित होने वाला है। विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं, लेकिन उससे पहले 2026 में कई महत्वपूर्ण चुनाव और उपचुनाव होने हैं।
इनमें बीजेपी, सपा, बसपा और कांग्रेस जैसी पार्टियां अपनी पूरी ताकत झोंकेंगी। ये चुनाव 2027 के लिए सेमीफाइनल की तरह माने जा रहे हैं, क्योंकि इनसे जनता का मूड और पार्टियों की ताकत का अंदाजा लगेगा।
2026 में ही खाली होंगी राज्यसभा की 10 सीटें
उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की कुल 10 सीटें 2026 में खाली होंगी। ये चुनाव अप्रैल से नवंबर के बीच अलग-अलग चरणों में होंगे। राज्यसभा सदस्यों का चुनाव विधानसभा के सदस्य (एमएलए) करते हैं। यूपी विधानसभा में 403 सदस्य हैं, इसलिए यहां का गणित काफी अहम है। बीजेपी और सपा मुख्य मुकाबले में हैं। राज्यसभा की इन 10 सीटों पर जीत से संसद के ऊपरी सदन में पार्टियों की ताकत बढ़ेगी या घटेगी। देशभर में कुल 75 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होंगे, जिसमें यूपी की 10 सबसे ज्यादा हैं। बृजलाल, डॉ दिनेश शर्मा, गीता शाक्य, डॉ हरदीप पुरी, रामजी गौतम, सीमा द्विवेदी, नीरज शेखर, अरुण सिंह, बीएल वर्मा, प्रोफेसर रामगोपाल यादव की सीटें 2026 में खाली होंगी।
11 एमएलसी सीटों के लिए होंगे चुनाव
उत्तर प्रदेश विधान परिषद (विधानसभा की ऊपरी सदन) में 11 एमएलसी सीटें 2026 में चुनाव के जरिए भरी जाएंगी। ये उपचुनाव स्नातक और शिक्षक के वोटर द्वारा ही होते हैं। ये सीटें विधान परिषद की कुल 100 सदस्यता में महत्वपूर्ण हैं। पार्टियां यहां भी अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश करेंगी। शिक्षक क्षेत्र में छह और स्नातक क्षेत्र की 5 सीटें हैं।
दो विधानसभा सीटों पर होंगे उपचुनाव
2026 में यूपी विधानसभा की 2 सीटों पर उपचुनाव होने हैं। ये उपचुनाव तब होते हैं, जब कोई विधायक इस्तीफा दे दे, निधन हो जाए या अयोग्य घोषित हो। बरेली की फरीदपुर और गाजीपुर की घोसी सीट के विधायकों की मृत्यु के बाद इन सीटों पर उपचुनाव होगा।
पंचायत चुनावों के जरिए होगा बडा चुनाव
सबसे बड़ा और जमीनी स्तर का चुनाव त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होगा. ये अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच होने की संभावना है। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव काफी बड़े पैमाने पर होते हैं। इसमें शामिल हैं, ग्राम पंचायत के लगभग 58,000 ग्राम प्रधान पद।
क्षेत्र पंचायत ब्लॉक स्तर पर
ब्लॉक स्तर पर क्षेत्र पंचायत के हजारों सदस्यों के पद खाली हैं
जिला पंचायत
सभी जिलों में सदस्य और अध्यक्ष पद का चुनाव होना है। इस तरह से कुल मिलाकर लाखों पदों पर चुनाव होंगे। ये चुनाव ग्रामीण इलाकों में पार्टियों की जड़ें मजबूत करने का सबसे बड़ा अवसर है।
भाजपा सपा ने किया अच्छा प्रदर्शन
2021 के पंचायत चुनाव में बीजेपी और सपा ने अच्छा प्रदर्शन किया था। अब 2026 में ये 2027 विधानसभा चुनाव का माहौल बनाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग मतदाता सूची तैयार कर रहा है, जिसमें नए वोटर जुड़ रहे हैं। इन सभी चुनावों में बीजेपी सत्ता की ताकत दिखाएगी, जबकि सपा, बसपा और कांग्रेस विपक्षी एकता के साथ चुनौती देंगी। 2026 यूपी की राजनीति में हलचल का साल होगा, जो 2027 के बड़े फैसले की नींव रखेगा. पार्टियां अभी से तैयारी में जुटी हैं.