Year Ender 2025: साल 2025 अब कुछ ही दिनों में खत्म होने वाला है, लेकिन सेहत के लिहाज से यह साल काफी खौफनाक अनुभव देकर जा रहा है। 2025 में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिन्होंने लोगों में डर पैदा कर दिया है। यह एक ऐसा साल था, जिसमें अधिक उम्र में होने वाली बीमारियां कम उम्र में ही देखने के लिए मिल रही है। यहां हम आपको कुछ ऐसी ही बीमारियों के बारे में बता रहें, जो साल पर लोगों पर कहर बनकर टूटते दिखे।
हार्ट अटैक
इस साल सबसे ज्यादा हार्ट अटैक के मामले देखने को मिले। इस बीमारी का शिकार बड़ों से लेकर बच्चे तक हुए। पहले यह बीमारी अक्सर 50 से अधिक उम्र वाले लोगों में देखने को मिलती थी, लेकिन 2025 में 25 से 40 साल के फिट दिखने वाले युवा भी हार्ट अटैक का शिकार होते दिखे। बता दें, एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में हार्ट डिजीज के कारण होने वाली मौतों में 12% का इजाफा हुआ है। इसमें से ज्यादातर मामले हार्ट अटैक के हैं।
फैटी लिवर
फैटी लिवर की बीमारी साइलेंट किलर से कम नहीं मानी जाती है। फैटी लिवर की बीमारी अनदेखा करने पर ये लिवर को गलाने लग जाती है और जानलेवा हो जाती है। पहले माना जाता था कि लिवर सिर्फ शराब पीने वालों का खराब होता है, लेकिन इस साल बड़ी तादाद में बच्चों और युवाओं के लिवर में सूजन पाई गई। जिसका सबसे बड़ा कराण पिज्जा, बर्गर जैसे जंक फूड का बढ़ता चलन, शुगरी ड्रिंक्स और फिजिकल एक्टिविटी में कमी है। बता दें, नेचर की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के 84 प्रतिशत IT कर्मचारियों में इसका जोखिम देखा गया है।
सांस संबंधी रोग
इस साल सांस संबंधी रोगों के मरीजों में तेजी से इजीफा देखने को मिला है। 2025 में सांस से जुड़ी बीमारियां सबसे ऊपर रहीं। जिसका सबसे बड़ा कारण शहर में बढ़ता प्रदूषण है। इसका असर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक देखने को मिला। सरकारी अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार सांस संबंधी रोगों के मरीजों में 25–30% की वृद्धि देखी गई। स्टेट ऑफ ग्लोबल हेल्थ 2025 रिपोर्ट के अनुसार प्रदूषण अब फेफड़ों, हार्ट और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन रहा है।
सुपर फ्लू' और जिद्दी खांसी
2025 में सुपर फ्लू' और जिद्दी खांसी के मामले भी कई देखने को मिले। 2025 में इन्फ्लूएंजा के ऐसे वैरिएंट देखे गए, जिसमें बुखार तो 3 दिन में ठीक हो गया, लेकिन खांसी 3-4 हफ्तों तक नहीं गई। इसे डॉक्टरों ने 'लॉन्ग लास्टिंग कफ' का नाम दिया। इस बीमारी से कमजोर इम्युनिटी वाले लोग ज्यादा प्रभावित हुए। बार-बार इंफेक्शन से शरीर की रिकवरी धीमी हुई।
आने वाले साल में रहे सतर्क
इस साल ने साफ सिखाया कि इलाज से बेहतर बचाव है। आने वाले साल में इन बीमारियों में वृद्धि तेजी से देखने को मिल सकती है। ऐसे में आने वाला साल आपके और आपके परिवार के लिए सुरक्षित रहे, इसके लिए आपको अपनी दिनचर्या में कुछ बदलाव करने की आवश्यकता है। सबसे पहले तो किसी भी तरह के लक्षण को नजरअंदाज न करें और साल में एक बार फुल बॉडी चेकअप जरूर कराएं। इसके साथ ही रोज 30–40 मिनट वॉक या हल्की एक्सरसाइज करें और अपनी डाइट में फल, हरी सब्जियों को शामिल करें।