शुक्रवार को देवी लक्ष्मी की उपासना का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन किए गए पूजा–पाठ और दान से घर में सुख–समृद्धि बनी रहती है। लेकिन कई बार अनजाने में कुछ ऐसे कार्य हो जाते हैं, जो लक्ष्मी पूजा में बाधा उत्पन्न करते हैं। मान्यताओं के अनुसार इन कार्यों से माता लक्ष्मी अप्रसन्न हो सकती हैं और धन-सौभाग्य पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
घर में गंदगी रहने से दूर रहती है लक्ष्मी कृपा
देवी लक्ष्मी स्वच्छता की अधिष्ठात्री मानी जाती हैं। शुक्रवार को घर में गंदगी, बिखरा सामान या अनसाफ–सुथरा वातावरण लक्ष्मी के आगमन में बाधा माना जाता है। खासतौर पर पूजा स्थल, रसोई और मुख्य द्वार को इस दिन अवश्य साफ रखना चाहिए। माना जाता है कि जहां स्वच्छता होती है, वहीं लक्ष्मी का वास होता है।
अनावश्यक क्रोध और बहस से बचना चाहिए
शुक्रवार को लक्ष्मी पूजा से पहले शांत मन रखना आवश्यक है। इस दिन क्रोध, झगड़ा या कड़वे शब्द बोलना शुभ नहीं माना जाता। ऐसी नकारात्मक ऊर्जा वातावरण को दूषित कर देती है और पूजा का प्रभाव कम हो जाता है। परिवार में सामंजस्य और मधुरता बनाए रखना इस दिन विशेष रूप से आवश्यक माना जाता है।
उधार देना या कर्ज लेना माना जाता है अशुभ
शुक्रवार के दिन धन का लेन–देन, खासकर उधार देना या कर्ज लेना, लक्ष्मी के प्रवाह में बाधा माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन दिया गया पैसा वापस आने में कठिनाई पैदा कर सकता है और वित्तीय असंतुलन बढ़ा सकता है। इसलिए कोशिश की जानी चाहिए कि शुक्रवार को न तो किसी को उधार दें और न ही किसी से उधार लें।
झाड़ू लगाना और नाखून काटना वर्जित माना गया है
कुछ परंपराओं में शुक्रवार को झाड़ू लगाने को अशुभ माना गया है, क्योंकि इससे धन–समृद्धि पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसी तरह नाखून काटना भी इस दिन वर्जित माना गया है। माना जाता है कि ऐसे कार्यों से घर की सकारात्मक ऊर्जा कम होती है और शुभता में बाधा आती है।